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बंद होगी किवरली टोल नाका पर 20 साल से हो रही टैक्स वसूली

5 वर्ष पहले
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पीडल्यूडी ने न्यायालय में पेश किया टोल नाका हटाने का पत्र, टोल बंद होने से आमजन को मिलेगी बड़ी राहत

भास्करन्यूज | आबूरोड

शहरसे करीब 8 किलोमीटर दूर किवरली गांव के पास स्थित किवरली टोल नाके पर अब करीब 20 साल बाद टोल वसूली बंद होगी। पुल की लागत से अधिक टैक्स वसूली की बात को लेकर कई बार प्रदर्शन हुए। लोगों ने राज्य सरकार से टैक्स लेने पर रोक लगाने की मांग की।

कई बार टैक्स को लेकर वाहन चालकों और टोल नाका ठेकेदार के बीच विवाद भी हुए। जब सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तब शहर के व्यक्तियों ने चार साल पूर्व न्यायालय की शरण ली। उन्होंने न्यायालय में जनहित याचिका पेश कर टैक्स को लेकर सभी तथ्य कोर्ट के सामने रखे। आखिर उनका प्रयास रंग लाया। बुधवार को सिविल न्यायालय (कख) में लंबित वाद की सुनवाई के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने इस साल चार नवंबर तक समस्त वसूली पूर्ण होने और राज्य सरकार के आदेश पर टोल नाका हटाने की अंडरटेकिंग दी। ऐसे में आमजन को सिर्फ नौ माह और टोल टैक्स देना पड़ेगा। प्रकरण का निस्तारण होने से आमजन को बड़ी राहत मिलेगी।

यह लिखा पीडब्ल्यूडी के पत्र में

न्यायालयके समक्ष प्रस्तुत सार्वजनिक निर्माण के अधिशासी अभियंता चरनेशराज माथुर का 8 फरवरी 2016 को हस्ताक्षरित पत्र में बताया कि टोल नाके पर वसूली कार्य का आदेश इस कार्यालय के पत्र क्रमांक : 3748-3752, 31 दिसंबर 2015 द्वारा एक वर्ष अवधि अथवा बकाया पथकर वसूली जो भी पहले हो का आदेश दिया गया। राज्य सरकार की समस्त वसूली 4 नवंबर 2016 तक पूर्ण हो जाएगी। इसके बाद राज्य सरकार के आदेशानुसार टोकानाका हटा दिया जाएगा।

रपट की नहीं हो रही मरम्मत

पुलके पास नदी पर पूर्व में बनी रपट राजस्व अभिलेख में मार्ग के रूप में दर्शित है। लेकिन, उसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इससे आमजन रपट वाले मार्ग से आवागमन के विधिक अधिकार से महरूम है। वाद में न्यायालय से टोल टैक्स वसूली बंद करने, रपट की नियमित रख रखाव करने ओर रपट से आवागमन नहीं रोकने का आग्रह किया। इस पर पीडब्ल्यूडी ने भी न्यायालय में अपना पक्ष रखा।

रोडवेज के बचेंगे लाखों

शहरस्थित रोडवेज बस स्टैंड पर रोजाना निगम की सौ से अधिक बसों का टोलनाका से आवागमन होता है। इस कारण प्रतिवर्ष लाखों रुपए टोल टैक्स के चुकाने पड़ते हैं। टैक्स की वसूली बंद होने पर निगम की बचत होगी। वहीं प्राइवेट यात्री वाहन और आसपास से विभिन्न कार्यों के लिए आबूरोड आने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

न्यायालय ने टोल वसूली बंद करने की पारित की डिक्री

^राज्यसरकार के निर्देशनुसार पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने इस साल चार नवंबर तक किवरली टोलनाका पर टोल वसूली बंद की न्यायालय में लिखित अंडरटेकिंग दी है। इसके आधार पर वादी पक्ष ने प्रकरण में राजीनामा किया। इस पर न्यायालय ने राजीनामा डिक्री पारित कर निर्धारित तिथि तक टोल वसूली बंद करने की डिक्री दी है। -अविनाश शर्मा, अधिवक्ता, याचिकाकर्ता, अपर जिला एवं सैशन न्यायालय, आबूरोड

यह है मामला : 3.45 करोड़ में बना था पुल, 14.61 करोड़ वसूले

शहरस्थित गणेश कॉलोनी निवासी अजय शर्मा पुत्र बनवारीलाल शर्मा लुनियापुरा निवासी कमलेश सैनी पुत्र रमेशचंद सैनी ने वर्ष 2011 में न्यायालय में प्रस्तुत जनहित याचिका में बताया कि किवरली गांव के पास सार्वजनिक निर्माण विभाग ने विश्व बैंक से प्रदत्त अनुदान से वर्ष 1993 में 3 करोड़ 45 लाख 26 हजार रुपए की लागत से पुल का निर्माण करवाया। इसके बाद से पुल से वाहनों का आवागमन शुरू हुआ और टोल टैक्स वसूल किया जाने लगा। अब तक 14 करोड़ 61 लाख 15 हजार रुपए टैक्स वसूल किया जा चुका है और आमजन से उक्त लागत के ब्याज की वसूली के आधार पर टैक्स लेना जारी है, जबकि विश्व बैंक प्रदत्त अनुदान की राशि पूर्ण रूप से ब्याज मुक्त होती है। इससे आमजन को आर्थिक हानि हो रही है।

फैक्ट फाइल

{वर्ष1993 में बना था किवरली के पास पुल

{3 करोड़ 45 लाख 26 हजार रुपए थी लागत

{14 करोड़ 61 लाख 15 हजार रुपए वसूल हो चुके हैं टोल से

{वर्ष 2011 में न्यायालय में प्रस्तुत की जन याचिका

आबूरोड. किवरली के पास बना टोल नाका, जो इस साल बंद हो जाएगा।

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