निकायों के खर्चों का मांगा हिसाब-किताब
स्थानीयनिकायों और पंचायतीराज विभाग को रा\\\'य सरकार केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले बजट के गबन और राजस्व नुकसान को जांचने वाली राजस्थान विधानसभा की स्थानीय निकाय और पंचायतीराज समिति बुधवार को सिरोही पहुंची।
सिरोही नगरपरिषद में आयोजित बैठक में समिति ने सिरोही नगरपरिषद, जालोर नगरपरिषद, पिंडवाड़ा नगरपालिका भीनमाल नगरपालिका में सरकारी फंड से किए गए खर्च का हिसाब-किताब देखा। समिति ने सिरोही जालोर की नगर निकायों के अधिकारियों जनप्रतिनिधियों से सरकारी पैसे को निर्धारित नियमानुसार सदुपयोग करने के निर्देश दिए। समिति ने नगर निकायों की ओर से सरकारी फंड के खर्च के ऑडिट पैरों की जांच की। पूर्ववर्ती में नगर निकाय बोर्डों में पाई खामियों से सबक लेकर नवनिर्वाचित चेयरमैनों से सरकारी फंड को नियमानुसार शहर के विकास पर खर्च करने की मंशा जाहिर की। बैठक में समिति अध्यक्ष निवाई विधायक हीरालाल, समिति सदस्य श्रीमाधोपुर विधायक हरलाल सिंह खर्रा, खेतड़ी विधायक पूरणमल सैनी, विधानसभा के सहायक सचिव मोहनलाल आर्य, विधानसभा वरिष्ठ प्रतिवेदक लक्ष्मणप्रसाद मीणा, विधानसभा के वरिष्ठ लिपिक ललित त्रिवेदी, स्वायत्त शासन विभाग जोधपुर के डिप्टी डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह मीणा, सिरोही नगरपरिषद के सभापति ताराराम माली, आयुक्त लालसिंह राणावत, जालोर नगरपरिषद आयुक्त शंकरलाल गहलोत, पिंडवाड़ा नगरपालिका चेयरमैन खुश्बू पुरोहित, पिंडवाड़ा ईओ भीमसिंह देवल, शिवगंज नगरपालिका ईओ अनोपसिंह राठौड़, भीनमाल ईओ, वरिष्ठ लिपिक फकीरचंद वाघेला, कनिष्ठ लिपिक रामलाल मेघवाल मौजूद थे।
कब और कैसे हुआ गठन
स्थानीयनिकाय और पंचायतीराज समिति का गठन 2004 में हुआ था। इससे पहले स्थानीय निकाय और पंचायतीराज विभाग को केंद्र रा\\\'य सरकार से किसी भी मद में वित्तीय सहायता नहीं दी जाती थी। वर्ष 2004 में पहली बार केंद्र सरकार ने स्थानीय निकाय और पंचायतीराज विभाग को विभिन्न योजना के मार्फत आर्थिक सहायता देना शुरू किया। इसके बाद केंद्र सरकार ने रा\\\'यों को भी इसके आदेश दिए। राजस्थान विधानसभा ने पिछली गहलोत सरकार ने पहली बार इस समिति का गठन किया। लेकिन, इसका गठन सरकार के कार्यकाल पूरे होने के अंतिम क्षणों में वर्ष 2013 में किया, जिसकी वजह से यह काम नहीं कर सकी।
आज पाली में रहेगी समिति
गुरुवारको यह समिति पाली नगरपरिषद में बैठक लेगी। इसमें पाली और ब्याव