बिना सड़क बने ही नीचे हो गए मकान
शहरके गांधीनगर क्षेत्र में स्थित एक कॉलोनी को विकसित हुए ढाई दशक बीत चुके हैं इसके बावजूद कॉलोनी के आधे अधिक लोगों को सड़क सुविधा नसीब नहीं हो सकी है। इन वर्षों में कच्चे मार्ग पर मिट्टी की परत जमती चले जाने के कारण मकानों का लेवल मार्ग से नीचे चला गया है। जो कॉलोनी के वाशिंदों और अन्य लोगों के लिए आफत बन गया है। बारिश में पानी घरों में घुस जाता है। पूर्व में पालिका ने टेंडर निकालकर रोड बनाने का प्रयास किया, लेकिन लोग मार्ग के किनारे नाली निर्माण और खुदाई कर सड़क निर्माण की मांग पर अड़ गए। कमोबेश ऐसी समस्या का सामना शहर के अन्य गली-मोहल्लों के लोग कर रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक समस्या का तोड़ नहीं निकल सका है।
मार्गतालाब में तब्दील
कॉलोनीका कच्चा मार्ग बारिश में तालाब में तब्दील हो जाता है। तब वाहन चालकों और राहगीरों को मार्ग के किनारे से होकर गुजरना पड़ता है। कीचड़ के कारण हादसे का अंदेशा रहता है। मौजूदा समय में मार्ग ऊबड़-खाबड़ है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। जिनके कारण वाहन हिचकोले खाते है। तब वाहन में सवार यात्रियों को शारीरिक पीड़ा होती है। रात में \\\'ज्यादा परेशानी होती है।
पारसीचाल बगीचा कॉलोनी की स्थिति भी बदतर
पारसीचालकी बगीचा कॉलोनी में कभी लोग सीढ़ी चढ़कर मकान में प्रवेश करते थे। लेकिन, गत वर्षों में सड़क पर सड़क बनने से सड़क का लेवल मकान से ऊंचा हो गया है। नतीजतन लोगों को एक-दो सीढ़ी उतरकर मकान में प्रवेश करना पड़ता है। बारिश में मकान लबालब हो जाते हैं। कइयों ने तो पानी के प्रवेश को रोकने के लिए मुख्य द्वार के आगे फर्श बनवाकर दीवार का निर्माण करवाया है। ऐसी स्थिति पत्थरगली, अंबाजी मार्ग, कुम्हार मोहल्ला आदि क्षेत्रों की है। गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पूर्व पालिका प्रशासन ने अंबाजी चौराहा-जैन धर्मशाला मार्ग को खुदवाकर सड़क बनवाई थी।
खोद कर बने सड़क
करीबतीन साल पूर्व मार्ग के आधे भाग को पक्का किया गया। शेष भाग कच्चा पड़ा है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि ढाई दशक में बिना सड़क के मकानों का लेवल मार्ग से नीचे चला गया है। ऐसे में सीसी रोड बनाया गया तो स्थिति और अधिक विकट हो जाएगी। मार्ग को खोदकर सड़क बनाई जाए तो सभी को लाभ होगा।
आबूरोड. शहरके गांधीनगर स्थित कॉलोनी में सड़क नहीं बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
घर के आगे बनवाए रैम्