बजट में दूर हो सकती हैं रेल की समस्याएं
उत्तरपश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अनिल सिंघल शुक्रवार को विभिन्न रेलवे स्टेशनों का दौरा करेंगे। वे यहां रेलवे से जुड़े कुछ कार्यों की शुरुआत करेंगे तो एक ट्रेनिंग सेंटर का शिलान्यास भी करेंगे, लेकिन इस समय उनका दौरा जिले के लिए कुछ उम्मीदें भी बंधाता है। इसी माह रेलवे बजट आने वाला है। यदि जीएम के आगमन पर हमारे जनप्रतिनिधि उन्हें जिले की जरुरतें और समस्याएं समझाने में कामयाब रहे तो उम्मीद है कि इस बजट में इन समस्याओं का कुछ समाधान हो जाए। इसके साथ ही प्रत्येक स्टेशन पर नागरिक समितियां, व्यापार मंडल अन्य संगठनों को भी आगे आकर रेलवे से जुड़ी अपनी मांगे रखनी चाहिए। स्टेशनों पर खासतौर पर पीने के पानी, छाया, वेटिंग रुम और पूछताछ केंद्र संबंधी समस्याएं हैं। इसके साथ ही सिरोही रोड सरुपगंज में अधिकांश यात्री गाडिय़ों का ठहराव नहीं होने से भी लोग परेशान है।
सबसेअधिक समस्या ट्रेनों के ठहराव की
आबूरोडरेलवे स्टेशन को छोड़ दिया जाए तो अन्य दो प्रमुख स्टेशनों सिरोही रोड सरुपगंज में बहुत कम ट्रेनों का ठहराव होता है। जिसके कारण सिरोही और पिंडवाड़ा जाने वाले यात्रियों को भी आबूरोड आना जाना पड़ता है। सिरोहीरोड रेलवे स्टेशन पर कलकत्ता-अहमदाबाद, अजमेर-अहमदाबाद, बरेली-भूज, जम्मू-तवी एवं सूर्यनगरी एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं है, जबकि इन ट्रेनों के ठहराव की मांग काफी पुरानी है।
आबूरोड. जीएमके आने से पहले रेलवे स्टेशन को साफ-सुथरा किया गया।
महाप्रबंधक के दौरे को लेकर रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन अन्य शाखा कार्यालयों के रख-रखाव में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्लेटफार्म एक पर नवनिर्मित शेड के नीचे नए पंखे लगाए गए हंै। ट्रॉली जोन पर गेरू किया है। रेललाइन के किनारे स्थित नालियों पर ढक्कन के ऊपर सीमेंट का घोल चढ़ाया है। जिससे बदसूरत दिखाई नहीं दे। प्लेटफॉर्म के दोनों तरफ अंतिम छोर पर नवनिर्मित रैम्प में जमा मिट्टी शाम होने तक श्रमिक निकालते रहे।
स्टेशन बिल्डिंग समेत दौरे की पूर्व संध्या तक शाखा कार्यालयों के भवन पर रंग-रोगन कार्यालयों में टंगे सूचना पट्ट फ्रेम की चमक पुनर्जीवित करने का कार्य चलता रहा। तैयारियों को लेकर दौड़-भाग करते रहे।
3. प्लेटफॉर्म दो पर सुविधाघर
स्टेशनके प्लेटफॉर्म नंबर दो पर सुविधाघर नहीं है। ऐसे में वहां खड़े यात्रियों को इसके लिए ओवरब्रिज चढ़कर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आना पड़ता है। इससे बुजूर्गों महिलाओं को अधिक परेशानी होती है।
5. गांधी नगर आरओबी
शहरके गांधीनगर गांधीनगर रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज कई सालों से अटका पड़ा है। ब्रिज निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। बजट आवंटित हो चुका है। पर अभी तक ब्रिज निर्माण शुरू नहीं हुआ है। ट्रेनों की संख्या बढ़ने के कारण फाटक बार-बार बंद किया जाता है। इससे फाटक के दोनों तरफ जाम लग जाता है। शहरवासी इस बड़ी परेशानी से निजात चाहते हैं।
2. ड्रेनेज सिस्टम
शहरके गांधीनगर क्षेत्र की कॉलोनियों गली-मोहल्लों में स्थित नालियों का पानी रेलवे सीमा से गुजरते नालों में गिरता है लेकिन, रेलवे पटरी के नीचे से गुजरते नाले अवरुद्ध होने के कारण नालियों में पानी की निकासी रुक गई है। नालियों का पानी डिस्कॉम मार्ग रेलवे जमीन पर फैलता जा रहा है। इस मामले में रेलवे की ओर से सफाई में सहयोग की जरुरत होती है।
4. अस्पताल हो बेहतर
शहरमें स्थित रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल में मात्र एक स्थायी चिकित्सक है। विशेषज्ञ चिकित्सक एक नहीं है। सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है,लेकिन अनुपयोगी पड़ी है। ऑपरेशन नाकारा साबित हो रहा है। भर्ती रेलकर्मियों उनके परिवार के सदस्यों को अस्पताल स्तर पर आहार सुविधा बंद पड़ी है।
1. ट्रैफिक सममस्या
यहमुद्दा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़ा है। जो एक तरफा रास्ते की व्यवस्था से सुलझ सकता है। लेकिन, रेलवे सीमा से रास्ते की सुविधा के अभाव में मामला एक दशक से अटका पड़ा है। अगर रेलवे प्रशासन राजाकोठी के समीप से रेलवे सीमा से निकल रहे रास्ते को अम्बाजी मार्ग से जोड़ने की अनुमति दे दे तो समस्या का स्थाई समाधान होगा।
सिरोही: अलग-अलग विंडो
कुछसमय पूर्व ही रेलवे ने कर्मचारियों की कमी बताकर सिरोही रोड में यूटीएस पीआरएस की एक ही विंडो कर दी थी। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही थी। बार बार मांग के बावजूद रेलवे ने इसे अलग अलग नहीं किया, लेकिन जीएम के आने से महज दो दिन पूर्व वापस अलग अलग विंडो कर दी गई है। अब देखना होगा कि यह कब तक संचालित होती है।
सरूपगंज : शुरू हो पीआरएस
सरूपगंज | रेलवेस्टेशन पर आरक्षण सेवा केंद्र को दिसंबर माह में बंद कर दिया गया। रेलवे का कहना था कि इस स्टेशन पर कम आय के कारण ऐसा किया गया। सरुपगंज में यह सुविधा बंद होने के बाद अब शहर समेत आस पास के दर्जनों गांवों के लोगों को पिंडवाड़ा या आबूरोड जाना पड़ता है, लेकिन वहां भी लंबी कतार के कारण लोगों को टिकट नहीं मिल पाते है।
पीआरएस सुविधा शुरू होने से लोगों को सुविधा मिलेगी।
पिंडवाड़ा: ओवरब्रिज की मांग
पिंडवाड़ा | शहरमें सबसे व्यस्ततम स्थान पर बने रेलवे क्रॉसिंग पर हर समय वाहनों के कारण जाम लगा रहता है। इस क्रॉसिंग से हर दस मिनिट में एक ट्रेन गुजरती है। जिसके कारण यहां लगा बेरियर हर दस मिनिट बाद बंद हो जाता है। इस रोड से उदयपुर और सिरोही जाने वाले वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यहां भारी यातायात रहता है। फाटक के बार बार बंद रहने से आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस फाटक को हटाकर ओवरब्रिज बनाने के लिए पिछले वर्ष भी रेल्वे के महाप्रबंधक के दौरे पर रेल्वे फाटक को हटा ओवरब्रिज बनवाने की मांग की थी।
ये भी हैं मुख्य मांगें
{आबूरोडके लिए गांधीधाम से पालनपुर तक आने वाली लोकल ट्रेन को आबूरोड तक बढ़ाना।
{आबूरोड से अजमेर तक लोकल टे्रन की मांग।
{सवेरे डीएमयू को आबूरोड के प्लेटफार्म नंबर एक पर से रवाना किया जाए तो इससे यात्रियों को काफी सहुलियत होगी खासकर सीनियर सीटीजन को। साथ ही इसके लिए अतिरिक्त टिकट विडों की व्यवस्था की जाए।
{अंबाजी माउंट आबू में आरक्षण कार्यालय का समय सुविधा बढ़ाई जाए।
{तलेटी में स्थित आरक्षण कार्यालय को मुख्य मार्ग पर सुविधाजनक स्थान पर स्थापित किया जाए।
{सुबह के समय अहमदाबाद के लिए लोकल ट्रेन शुरू की जाए।
{सिरेाही रोड पर कुलियो की भर्ती बढ़ाई जाये।
{सिरोही रोड पर बने टीन शेड शेल्टर पर बैठने की व्यवस्था की जाये।
{सिरोही रोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधार्थ एटीएम की जगह दी जाए।
पेयजलकी समस्या मुख्य
जिलेके सभी स्टेशनों पर पीने के पानी की समस्या एक बड़ी समस्या है। इन स्टेशनों पर पानी के लिए प्याऊ तो बनी है, लेकिन अक्सर वे बंद ही रहती हैं या उनमें इतना खारा पानी आता है कि वह पीने योग्य नहीं होता। इसी प्रकार गर्मियों में तो बिल्कुल गर्म पानी मिलता है। प्याऊ पर वॉटर कूलर लगाए जाएं।