चंद्रावती खुदाई में शुरू हुआ जीपीएस सर्वे
परमारोकी राजधानी रही पुरानगरी चंद्रावती में पुरातत्व विभाग एवं जनार्दनराय नागर विद्यापीठ उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में चल रहा उत्खनन कार्य गुरुवार को राजकीय संग्रहणालय के पीछे स्थित किला संख्या दो पर जारी रहा। अब चंद्रावती में मंदिर महत्वपूर्ण स्थानों के लोकेशन का जीपीएस सर्वे शुरु किया गया है। जिसके तहत इन स्थानों को नक्शे पर चिन्हित किया जाएगा। अनाज विशेषज्ञ भी चंद्रावती पहुंच चुके है। विशेषज्ञ उत्खनन में निकले अनाज के अवशेषों की जांच करेंगे। आज खनन में कोयले के टुकड़े निकले है।
प्रोफेसर जीवन खरकवाल ने बताया कि चंद्रावती आसपास के क्षेत्रों में स्थित मंदिर, वॉच टॉवर समेत महत्वपूर्ण स्थान हैं। इनकी लोकेशन को जीपीएस लोकेशन पर बैठाने के तहत सर्वे शुरु किया गया है। उन्होंने बताया कि लखनऊ बीरबल साहनी पुरा इंस्टीट्यूट के अनाज विशेषज्ञ अनिल पोखरियाल चंद्रावती पहुंचे। वह अनाज के सैंपल एकत्र मिट्टी के नमूनों संग्रह से अनाज के दाने अन्य महत्वपूर्ण सामग्री निकाल कर उसका अध्ययन करेंगे ताकि उस स्थान की बसावट रहन सहन जलवायु का पता चल सके। ड्राफ्ट मैन नारायण पालीवाल ने बताया कि किले नंबर दो के प्रवेश द्वार में उत्खनन के दौरान चारकोल के टुकड़े निकले है। चारकोल के सेंपल की कार्बन डेटिंग विधि से आयु का अनुमान लगाया जाएगा। शोधार्थी पूर्वा भाटिया ने बताया कि ट्रेंच डीडी-28, 29, ईई-28 29 के बेस में जा रहे है। वहीं किला सख्या दो के सबसे बड़े प्रवेश द्वार के नीचे गहराई में जाने के लिए उत्खनन किया जा रहा है। उत्खनन प्रभारी केपीसिंह, रोहित मेनारिया, जयपुर से पंहुची शोधार्थी पूजा सिरोला, दिल्ली से पहुंची शोधार्थी कोमल नुपूर तिवारी उत्खनन में जुटे रहे।
आबूरोड. चंद्रावती में चल रहे उत्खनन कार्य में निकली किले की दीवार।