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रेलवे की ओर से स्टेशन पर लगी आरक्षण खिड़की एक दिसंबर से बंद कर दी गई
रेलवे स्टेशन पर बंद हुई आरक्षण खिड़की, यात्री परेशान
परेशानी
कस्बेके रेलवे स्टेशन पर यात्री आरक्षण सेवा को बंद कर देने से कस्बे समेत आसपास गांवों से यात्रा करने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
यात्रियों को आबूरोड पिंडवाड़ा रेलवे स्टेशन जाकर आरक्षण टिकट बनवाने पड़ रहे हैं, जिससे लोगों को समय के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेल विभाग के इस निर्णय पर आमजन ने रोष व्यक्त किया है। कस्बे के रेलवे स्टेशन पर चालू यात्रि आरक्षण सेवा को 1 दिसंबर से बंद करने के बाद कस्बे समेत आसपास गांवों के लोगों को आरक्षण टिकट बनवाने के लिए आबूरोड पिंडवाड़ा जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि रेल विभाग ने इस कस्बे में यात्री आरक्षण कार्यालय खोला, लेकिन वह महज चार घंटे के लिए उसमें भी सवारी गाड़ी आने पर आरक्षण को बंद कर उन टिकट देने से चार घंटे में ज्यादा टिकट नहीं बन सकते हैं। चार घंटे में सौ से ऊपर टिकट बनाना संभव नहीं है। इस प्रकार का हवाला देकर इस आरक्षण खिड़की को बंद करने से आसपास के करीब 40-50 गांवों के लोगों को आरक्षण टिकट बनाने के लिए आबूरोड पिंडवाड़ा जाना पड़ रहा है। जहां पर काफी भीड़ रहने से उन्हें बिना आरक्षण टिकट लिए वापस लौटना पड़ता है, जिससे उन्हें समय के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि रेल विभाग इस स्टेशन पर सुविधा बढाने के बजाय यहां पर की गई सुविधाओं में कटौती कर रहा है। रेलवे के इस निर्णय पर आमजन ने रोष व्याप्त है।
हो रहा आर्थिक नुकसान
^व्यापारकी वजह से उन्हें महीने में कई बार बाहर जाना पड़ता है। रेलवे स्टेशन पर आरक्षण सुविधा से राहत मिलती थी, लेकिन अब इस खिड़की के बंद हो जाने से टिकट बनवाने के लिए आबूरोड पिंडवाड़ा जाना पड़ रहा है, जिससे समय के साथ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। -विपुलरावल, व्यापारी,सरूपगंज
व्यापारियों को होगी परेशानी
^कस्बेके रेलवे स्टेशन पर आरक्षण कार्यालय को व्यापारियों की ओर से बार-बार पत्र व्यवहार करने के बाद खोला गया था, लेकिन इस आरक्षण खिड़की को बंद कर देने से कस्बे के व्यापारियों को इस सुविधा से अब वंचित रहना पड़ेगा, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। -विजयगुप्ता, निवासीसरूपगंज
कफी राहत मिली थी
^रोहिड़ा,वासा वाटेरा समेत आसपास के गांवों के लोगों