- Hindi News
- एकीकरण के आदेश निरस्त नहींं करने पर अभिभावकों में रोष
एकीकरण के आदेश निरस्त नहींं करने पर अभिभावकों में रोष
पानी की निकासी हो तो ग्रामीणों को मिले राहत
मनोहरपुर | कस्बेके टोल प्लाजा के पास स्थित इंदिरा कॉलोनी के मुख्य रास्ते पर बारिश का पानी भरा होने से यहां के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने सचिव बहादुरसिंह को अवगत कराकर आम रास्ता ठीक कराने की मांग की है। इंदिरा कॉलोनी के मुख्य रास्ते में बारिश के पानी की निकास नहीं होने से पानी कॉलोनी के मुख्य रास्ते में भरा रहता है, जिससे लोगों को अपने घरों में पैदल जाने में भी जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बारिश के पानी की निकास की व्यवस्था करने के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत कराया है, किंतु समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इससे नाराज ग्रामीण हरसहाय, उपेंद्र, सुरेश, रमेशचंद्र सहित कई लोगों ने विरोध किया। उन्होंने सचिव बहादुरसिंह को अवगत कराकर बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी की रास्ते से पानी निकासी की व्यवस्था कर रास्ते को ठीक नहीं किया गया तो आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।
मनोहरपुर. इंदिराकॉलोनी के आम रास्ते में भरा पानी।
भास्कर न्यूज | अजीतगढ़
कस्बेके राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुसुमपुरा को एकीकरण प्रक्रिया के तहत दूसरे स्कूल में मर्ज किए जाने के शिक्षा के विभाग के आदेश निरस्त नहीं होने से स्थानीय निवासियों एवं अभिभावकों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है।
प्रशासन की बेरुखी लापरवाही के चलते अभिभावकों ने अब राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को शिकायत करने का निर्णय किया है। अभिभावकों के 15 दिन पहले से ही जिले के कलेक्टर, डीईआे एवं पंचायत समिति श्रीमाधोपुर बीईईआें को परिवेदना भेजे जाने के बावजूद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अभिभावक सत्यनाराण गिराटी ने बताया कि शिक्षा विभाग ने बिना भौतिक सत्यापन किए ही राप्रावि कुसुमपुरा को नियमों के विपरीत राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में मर्ज कर दिया है। स्कूल स्टेट हाइवे पर होने से वहां आए दिन दुर्घटना घटित होती रहती है।
पर्याप्त छात्र संख्या होने के बाद भी स्कूल को गलत तरीके से मर्ज कर दिया गया है। हाइकोर्ट के अधिवक्ता संदीप कलवानिया ने बताया कि अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम में कक्षा 1से 5 तक के लिए स्कूल एक किलोमीटर में खोलने का प्रावधान है। सरकार को स्कूलों क