संस्कार भी सीखें विद्यार्थी
आमेट| श्रीहीरालाल देवपुरा राजकीय महाविद्यालय के युवा विकास केन्द्र द्वारा आयोजित व्याख्यान में साकेत साहित्य संस्थान के संयोजक साहित्यकार नारायणसिंह राव ने विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन के साथ संस्कारित जीवन जीने तथा स्वास्थ्य को जीवन निर्माण का प्रमुख सोपान स्वीकार कर पुरुषार्थ को जीवन अधिकार मानकर अपनाने का आव्हान किया। राव ने छात्रों को प्रेरक वार्ता एवं उद्बोधन के माध्यम से स्वालम्बन, संवेदना, स्वास्थ्य, अनुशासन के साथ साहित्य सृजन के आयामों से अवगत कराया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य रामजी लाल शर्मा, भंवरलाल प्रजापत, धीरज कुमार पारीक, शंकरलाल बटवाल, राजकुमार शर्मा सहित कॉलेज के छात्र उपस्थित थे।