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प्रवर्तन निरीक्षक ने कहा- कालाबाजारी के लिए जा रहा रहा था पारडी में पकड़ा गेहूं
राजसमंद | देवगढ़थाना क्षेत्र के पारडी में पकड़ी पिकअप में भरा गेहूं कालाबाजारी के लिए जा रहा था। लेकिन गेहंू कहां जा रहा था, इसका अभी तक पता नहीं चला है। इस बात का खुलासा प्रवर्तन निरीक्षक भागीरथ मीणा द्वारा की गई जांच में सामने आया है। मीणा ने रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। गेहंू को देवगढ़ पुलिस को सुपुर्द कर दिया है।
प्रवर्तन निरीक्षण भागीरथ मीणा ने बताया कि क्रय विक्रय सहकारी समिति आमेट से 25.25 क्विंटल गेहंू गत मंगलवार को पिकअप में भरकर उचित मूल्य की दुकान बीकावास के लिए रवाना हुआ। इस दुकान को ग्राम सेवा सहकारी समिति गोवल का व्यवस्थापक पुष्पेंद्रसिंह चलाता है लेकिन गाड़ी बीकावास पहुंचकर पारडी पहुंची। गाड़ी का चालक भूजड़ा निवासी सुरेशचंद्र व्यास था। पारडी में भामाशाह योजना का शिविर चल रहा था। तहसीलदार सूरजपालसिंह मौजूद थे। इसकी सूचना ग्रामीणों ने तहसीलदार को दी। तहसीलदार ने जांच की तो गेहूं सरकारी था। सूचना मिलते ही भागीरथ मीणा मौके पर पहुंचे। मीणा ने गेहूं जब्त कर देवगढ़ पुलिस को सौंप दिया।
संदेहके घेरे में चालक व्यवस्थापक: मीणाने बताया कि जांच में सामने आया है कि क्रय विक्रय सहकारी समिति से व्यवस्थापक ने खुद ही गेहूं रिसीव किया था। वहीं गाड़ी में बैठकर भी खुद रहा था। जब पूछताछ की तो चालक व्यवस्थापक दोनों ने संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। चालक ने बताया कि उसका घर कूंदवा में है। वह ड्राइविंग लाइसेंस कागजात लेने पहले घर जा रहा था, क्योंकि उसे उदयपुर भी जाना था। मीणा ने कहा कि चालक का घर दूर है, जबकि दुकान नजदीक है। पहले चालक घर जाएगा।
स्टॉकजांचा: अगलेदिन 17 सितंबर को मीणा क्रय विक्रय सहकारी समिति आमेट पहुंचे। यहां रिकॉर्ड जांचा तो सही पाया गया। फिर उचित मूल्य की दुकान बीकावास पहुंचे तो 25.25 क्विंटल गेहूं कम था।