रिश्तेदारों की गिरफ्तारी...
रिश्तेदारों की गिरफ्तारी...
नवरतनने मेला क्षेत्र में नो पार्किंग में मोटरसाइकिल खड़ी की तो वहां तैनात एएसआई भगवानसिंह ने उसे बाइक हटाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों में बहस हो गई।
आरोप है कि नवरतन ने धौंस दिखाते हुए कहा कि ‘मैं अनूपगढ़ विधायक का जीजा हूं। बाइक नहीं हटाऊंगा और यहीं पर ही खड़ी करूंगा।’ इस पर दोनों में विवाद बढ़ गया और नवरतन ने एकाएक मारपीट शुरू कर दी। वहां पहुंचे पुलिसकर्मी नवरतन को पकड़कर थाने ले गए। पता लगने पर विधायक के पिता जगदीशराम, बहन बिमला, ससुर नत्थूराम दूसरे जीजा प्रतापसिंह भी अनूपगढ़ थाने पहुंच गए। वहां भी पुलिस परिजनों में खूब बहस हुई और वे भी एक-दूसरे से भिड़ गए। विवाद बढ़ने पर अनूपगढ़ पुलिस ने दूसरे थानों से अतिरिक्त जाब्ता भी मंगा लिया। मामला आला अधिकारियों के पास पहुंचा तो उन्होंने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। पुलिस ने रात को विधायक के जीजा नवरतन प्रतापसिंह तथा नत्थूराम को गिरफ्तार कर लिया। नवरतन ने भास्कर को बताया कि थाने लाते समय पुलिस ने रास्ते में उसकी जमकर पिटाई की। उसके परिजन थाने आए तो वहां उनके साथ भी मारपीट की गई। विधायक के पिता जगदीशराम का कहना है कि जब हमें पता लगा कि नवरतन को पुलिस पकड़कर थाने ले गई है तो हम वहां पहुंचे। वहां पूरे पुलिस स्टाफ ने हमें बेवजह पीटना शुरू कर दिया। यह तो पुलिस की दादागिरी है।
सुनंदाकेस: थरूर...
इसबार थरूर से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। एसआईटी ने थरूर से पूछा, पिछले साल 15 जनवरी को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली लौटने पर ऐसा क्या हुआ था जो सुनंदा आपको एयरपोर्ट पर ही छोड़कर चली गई थीं? इसके अलावा उनसे 50 से ज्यादा सवाल पूछे गए। थरूर से चार हफ्तों में यह तीसरी पूछताछ है। 5 फरवरी को एसआईटी ने सुनंदा के बेटे शिव मेनन से भी पूछताछ की थी।
आईपीएल विवाद पर भी पूछे गए कई कड़े सवाल दिन में थरूर से 2010 के आईपीएल विवाद को लेकर भी कड़े सवाल-जवाब किए गए। तब थरूर विदेश राज्यमंत्री होते थे। उन पर अपने पद का दुरुपयोग कर सुनंदा को 94 करोड़ रुपए का लाभ पहुंचाने का आरोप लगे थे। पद भी छोड़ना पड़ा था। सुनंदा आईपीएल की कोच्चि टीम से जुड़ी थीं।
सुनंदाका विसरा सैंपल जांच के लिए अमेरिका भेजा गया: एसआईटीने सुनंदा का विसरा सैंपल अमेरिका की एफबीआई लैब भेजा है। ताकि पता लगाया जा सके कि सुनंदा को जो जहर दिया गया था, उसमें रेडियोएक्टिव पदार्थ थे या नहीं। सुनंदा को पोलोनियम-10 जहर देने की बात सामने आई थी। रिपोर्ट 30 दिन बाद आने की उम्मीद है।
स्वाइनफ्लू से...
चिकित्साएवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (पब्लिक हेल्थ) डॉ. बीआर मीणा के अनुसार स्वाइन फ्लू से किसी विदेशी की मौत का यह देश में पहला मामला है। एनी अपने ग्रुप के साथ भारत घूमने आई थी। बुधवार को जैसलमेर में उसकी तबीयत बिगड़ी और उसी रात उसे जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदेश में 227 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें जयपुर के 76 लोग हैं। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में स्वाइन फ्लू पीडि़त 64 मरीज भर्ती हैं।