एडीईओ ने स्कूलों का निरीक्षण किया
आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर किसान
एडीईओने कई स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्था पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पीएस देवपुरा, छत्रपुरा, यूपीएस सरकन्या, मूंडला, बोरदा, सीमलिया का निरीक्षण किया।
स्कूलों में जो अव्यवस्थाएं पाई गई, उनको अति आवश्यक रूप से अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश प्रधानाध्यापक को दिए। यूपीएस मूंडला में रोकड देखने पर पाया कि 65636 एसएसए की ओर से दो वर्ष पूर्ण निर्माण में डाले गए थे।
उस राशि के बारे में प्रधानाध्यापक को कोई पता नहीं है। मोटीस ने उपरोक्त राशि का एसएसए से निराकरण करने के लिए कहा है। निराकरण कर इस रािश को चेक से जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। मूंडला स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि रसोईघर में जगह नहीं होने से पोषाहार उसमें नहीं बनाया जाता। प्रधानाध्यापक को हिदायत दी कि पूर्व में भी कीचनशेड बनाने का प्रस्ताव जिला परिषद की ओर से दिया गया था। प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा गया। इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण चाहा गया है। पीएस छात्रपुरा को देखने पर पाया कि शाखा व्यवस्था उत्तम है। यूपीएस सीमलिया में रोकड को देखने पर पाया कि 62500 तीन वर्ष से रोकड़ में है।
उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने तीन वर्ष से रोकड़ में है। उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एसएसए की ओर से तीन वर्ष पूर्व 37500 बालाजी के चबूतरे के लिए तथा 25000 झूले के लिए दिए गए थे, जबकि झूला उस स्कूल में पहले से ही मौजूद है। बीईईओ की ओर से इसको गंभीरता से लेते हुए एसएसए को भी पत्र लिखा गया है कि अरग इस रािश का उपयोग नहीं हो रहा है। तो इसको शीघ्र एसएसए में जमा करवाए जाए, यूपीएस बौरदा की सभी व्यवस्थाएं अच्छी मिली है।