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जनवरीसे 1583 बच्चों को दिया उपचार :
जिलाअस्पताल सहित नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थित कुपोषण उपचार केंद्रों में रविवार तक एक हजार 583 बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया है। इनमें 229 बच्चे रविवार को भी एमटीसी में उपचार के लिए भर्ती हैं। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार एक जनवरी से 21 सितंबर तक जिला अस्पताल में 419, शाहाबाद में 525, किशनगंज में 247, केलवाड़ा में 130, छीपाबड़ौद में 63, अंता में 55, छबड़ा में 50, अटरू में 47, मांगरोल 30 एवं सीसवाली में 17 कुपोषित बच्चों को उपचार दिया गया है।
जिला अस्पताल पीएमओ डॉ. एलआर लोहिया ने बताया कि जिला अस्पताल में जनवरी से रविवार तक 419 कुपोषित बच्चों को उपचार दिया गया है। इसमेें से 184 बच्चों को एक महीने के दौरान उपचार दिया गया है। उन्होंने बताया कि एमटीसी वार्ड में जगह कम होने से ट्रॉमा सेंटर में 50 पलंग लगाकर भर्ती करने की व्यवस्था की गई है।
कैसेशुरू करेंगे ट्रोमा सेंटर : जिलामुख्यालय पर भी गंभीर घायलों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में गंभीर घायलों को कोटा रैफर करना पड़ता है। इस दौरान कई घायल रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। नेशनल हाइवे-27 निर्माण के दौरान केंद्र सरकार की ओर से ट्रॉमा सेंटर निर्माण के लिए 65 लाख रुपए दिए गए थे। करीब चार महीने पहले भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन चिकित्सा सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। ऐसा ही हाल दो फिजियोथैरेपिस्ट पदस्थ होने के बाद भी फिजियो थैरेपी सेंटर शुरू नहीं हो सका है। इसके भवन को दवा स्टोर रूम बना रखा है। अब ट्रॉमा सेंटर भवन में कुपोषित बच्चों के लिए अस्थाई रूप से व्यवस्था की गई है। ऐसे में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान भी ट्रॉमा सेंटर शुरू होने की आस टूट गई है, जबकि पिछले दिनों चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. आरएस छीपी ने जिला अस्पताल में स्थित ट्रॉमा सेंटर भवन में चिकित्सा सुविधा शुरू करने की बात कही थी।