संगठित नहीं होने से किसानों का हो रहा आर्थिक शोषण
कृषिउपज का लाभकारी मूल्य देने, हर खेत को नहरी पानी बेरोजगार शिक्षित युवाओं को रोजगार देने समेत अन्य समस्याओं को लेकर खुला अधिवेशन 19 फरवरी को किसानों को ले जाने के लिए सोरखंड के किसानों की बैठक मिर्जापुर हनुमान के स्थान पर तहसील अध्यक्ष कन्हैयालाल पारेता की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में प्रांत प्रचार प्रमुख सत्यनारायण सिंह, प्रांत मंत्री शंकरलाल नागर, बंशीलाल नागर ने कहा कि किसान संगठित नहीं होने के कारण सरकारे किसानों का आर्थिक शोषण कर रही हैं। किसानों की प्रत्येक फसल का भाव बढ़ने से रोकने के लिए कृषि जिेंसों पर स्टॉक बीमा लागू कर दिया जाता है। आयात निर्यात नीति के सहारे भाव घटाए जा रहे हैं, जबकि सांसदों विधायकों अन्य जनप्रतिनिधियों के वेतन बढ़ाए जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि महंगाई भत्ते के नाम पर खजाने की लूट की जा रही है।
किसान प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सरकार की भेदभाव पूर्व नीति के चलते किसानों की फसलों के भाव घटाए जा रहे हैं। दूसरी ओर राजनेताओं कर्मचारियों की वेतन भत्ते बढ़ाए जा रहे हैं। किसान विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए अधिक संख्या में अधिवेशन में भाग लेने के लिए किसानों से आह्वान किया है।