अरनोद में निकला पथ संचलन
अरनोदउपखंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से रविवार को पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन का ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। सुबह 11 बजे अरनोद तहसील के भचुंडला और अरनोद खंड के स्वयं सेवकों का दो स्थानों से पथ संचलन निकला, जो लगभग एक दर्जन गांवों से गुजरा। संचलन में घोष की धुनों पर स्वयं सेवक कदम ताल करते हुए विभिन्न गांवों से गुजरे तो ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा और आतिशबाजी के साथ जोरदार स्वागत किया। पथ संचलन का समापन चकुंडला और बेडमा के राजकीय विद्यालय परिसर में हुआ। पथ संचलन में सैकड़ों गणवेश धारी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। पथ संचलन के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रचारक मनोज कुमार ने कहा कि आज आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा और अनुशासित स्वयंसेवी संगठन है। इसकी विश्व में पचास से ज्यादा देशों में नियमित शाखाएं लगती है।
1925 से शुरू हुआ यह संगठन आज समाज के हर क्षेत्र में कार्य कर रहा है। हिंदू समाज को संगठित करने के कार्य में जुटे इस संगठन में अनेक सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं। देश में जो परिस्थितियां निर्मित हो रही है, उसमें संघ के कार्य विस्तार की और जरूरत है। 2025 में संघ अपनी स्थापना का सौवां वर्ष मनाएगा। उस समय तक देश के हर गांव में संघ की शाखा लगें, इसके लिए स्वयं सेवक अपने पूरे प्रयास कर रहे हैं।
अरनोद. पथसंचलन का पुष्प वर्षा से स्वागत करते ग्रामीण।