बाली, पाली। एसडीएम कार्यालय के बाहर वेलार, लुंदाड़ा, बेड़ा एवं मालनू सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने कम्युनिटी रिजर्व के पक्ष में धरना देकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार द्वारा घोषित जवाई बांध लेपर्ड कम्युनिटी रिजर्व में क्षेत्र के गांवों को जल्दी शामिल किया जाए। यहां के सब गांवों के नागरिकों ने इसकी लिखित रूप से सहमति दे दी है, जो वन विभाग और कलेक्टर को भेज दी है।
उन्होंने बताया कि यहां पर हो रहे अवैध खनन कुछ किसान नेताओं के द्वारा गलत जानकारी दी जा रही है। जवाई लेपर्ड कम्युनिटी क्षेत्र की जो भी आवंटित खाने हैं, उनके पट्टे जल्द ही निरस्त किए जाए। यह खान मालिक इस क्षेत्र में निजी स्वार्थ के लिए कम्युनिटी रिजर्व के खिलाफ लोगों को भ्रमित करवा रहे हैं। क्षेत्रवासी अपने पर्यावरण, प्रकृति, प्राकृतिक, सुंदरता और वन्य जीवों को मरने या इनका रूप बिगड़ने नहीं देंगे। ज्ञापन में बताया कि आंदोलन करना पड़ा तो भी तैयार है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री, कलेक्टर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भेजा पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने 30 दिन में क्षेत्र को कम्युनिटी रिजर्व क्षेत्र घोषित करने की मांग की।
उन्होंनेबताया कि आवंटित खानों को रद्द नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट पर आमरण अनशन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर संग्रामसिंह सोलंकी वेलार, पूर्व सरपंच भूपेंद्रसिंह लुंदाड़ा , उगमसिंह कुमटिया, शत्रुंजय सिंह, कुमारी पदम्जया, राजेंद्रसिंह, बलवीरसिंह, रूपाराम देवासी वेलार, केसाराम देवासी लुंदाड़ा , सुरेश मीणा लुंदाड़ा , कपूराराम मीणा, हीराराम मीणा मालनू, रताराम मेघवाल रघुनाथपुरा आदि मौजूद थे।
कम्युनिटी रिजर्व के विरोध में किया था महापड़ाव
नगर के उपखंड कार्यालय के बाहर किसानों, ग्रामीणों पशुपालकों का पैंथर कंजर्वेशन के विरोध में महापड़ाव किया था। बाद में अधिकारियों की समझाइश के बाद महापड़ाव समाप्त कर दिया गया। महापड़ाव स्थल पर बुधवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जवाई लेपर्ड कंजर्वेशन क्षेत्र के पांच गांवों की जिनकी अधिसूचना जारी हो चुकी है, उनके डी-नोटिफिकेशन की कार्रवाई कलेक्टर की अनुशंषा के साथ राज्य सरकार को भेजी जाएगी।