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ग्रामीणों ने की स्कूल की तालाबंदी, डीडी के सामने झगड़ीं शिक्षिकाएं, छह एपीओ

6 वर्ष पहले
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कूरनागांव में गुरुवार को ग्रामीणों बच्चों ने शिक्षकों को हटाने की मांग को लेकर राजकीय माध्यमिक विद्यालय की तालाबंदी कर दी। सूचना मिलने पर कूरना पहुंची उपनिदेशक (माध्यमिक) नूतनबाला कपिला ने स्कूल में गुटबाजी शैक्षणिक माहौल खराब करने पर चार अध्यापक दो शिक्षिकाओं काे एपीओ कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जब डीडी ने शिक्षकों की बैठक ली तो दो शिक्षिकाएं उनके सामने ही उलझ गईं तथा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए तू-तू-मैं-मैं करने लगीं। कूरना गांव में पिछले अगस्त माह में स्कूल के एकीकरण होने के बाद से प्राइमरी सैकंडरी के शिक्षकों की गुटबाजी शुरू हो गई थी। यहां तक कि इस गुटबाजी में शिक्षकों ने बच्चों के भी तीन अलग-अलग गुट बनवा दिए बच्चों को भी एक दूसरे के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया। इस पर ग्रामीणों बच्चों ने गुरुवार सुबह स्कूल की तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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ग्रामीणोंने स्कूल के मुख्यद्वार पर ताला लगाकर कांटे पानी के पाइप डाल दिए। सूचना मिलने पर उपनिदेशक माध्यमिक नूतनबाला कपिला नायब तहसीलदार कूपाराम लाहौर ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की। काफी देर तक ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे तो उपनिदेशक ने प्रधानाध्यापक दौलाराम सहित शिक्षक चुन्नीलाल, शैतानसिंह, मोटाराम शिक्षिका इंदू राजेंद्र कौर को एपीओ करने के आदेश जारी कर मामला शांत करवाया।

यहहै पूरा मामला : कूरनागांव में एकीकरण के बाद प्राथमिक माध्यमिक स्कूल एक ही भवन में संचालित हो रहे हैं। एकीकरण के बाद से ही दोनों स्कूलों के शिक्षकों में गुटबाजी शुरू हो गई थी। प्राथमिक माध्यमिक के शिक्षकों ने बच्चों को भी अलग-अलग गुटों में बांट दिया। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों की इस गुटबाजी की वजह से बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। इस पर प्रधानाध्यापक ग्रामीणों ने डीईओ से एकीकरण निरस्त कर वापस दोनों स्कूल अलग-अलग संचालित करने के आदेश जारी करवा दिए, लेकिन इस पर भी गुटबाजी नहीं रुकी। इस दोनों स्कूल में 410 बच्चों पर 14 शिक्षक कार्यरत हैं।

बच्चेकरते रहे प्रधानाध्यापक को नहीं हटाने मांग : घटनाक्रमके दौरान एक गुट के बच्चे शिक्षिकाओं को हटाने की मांग करते नारेबाजी करने लग गए, तो दूसरे गुट की बालिकाओं ने शिक्षिकाओं को नहीं हटाने की मांग की। छात्रों ने तो डीडी को हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन देकर उल्टा यह तक कह दिया कि गांव वाले सही शिक्षकों को हटाना चाहते हैं, जो गलत है। उन्होंने इंदू रैवानी, नीतूसिंह, भाग्यश्री, शैतानसिंह को हटाने की मांग की। इस बीच ग्रामीणों की मांग पर डीडी ने प्रधानाध्यापक दौलाराम को भी एपीओ कर दिया। इसे लेकर बच्चों ने विरोध भी जताया।

समझाइश होने पर स्कूल का गेट खोलने के बाद जब उपनिदेशक कपिला ने शिक्षकों की बंद कमरे में मीटिंग ली तो दो शिक्षिकाओं ने उनके सामने ही एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए दिए। शिक्षिका राजेंद्र कौर ने उपनिदेशक के सामने शिक्षिका इंदू पर 21-21 फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन उठाने तक का आरोप लगा दिया। इस पर उपनिदेशक ने दोनों शिक्षिकाओं को कड़ी फटकार लगाते हुए शिक्षक पद की मर्यादा रखने की नसीहत दी, लेकिन दोनों शिक्षिकाएं फिर भी तू -तू मैं-मैं करती रहीं। यहां तक कि दोनों ने इस दौरान अपनी-अपनी राजनीतिक पहुंच भी बता दी।

दोषी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी

^स्कूलमें गुटबाजी की पहले भी शिकायत मिली थी। शैक्षणिक माहौल खराब करने के कारण चार शिक्षकों दो शिक्षिकाओं को एपीओ कर कार्यालय पाली कर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद दोषी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -नूतनबाला कपिला, उपनिदेशक माध्यमिक, पाली

कूरना गांव में स्कूल में शिक्षकों की मीटिंग लेतीं उपनिदेशक माध्यमिक कपिला।