33 गांव टाडा में होंगे शामिल
राज्यसरकार ने पाली जिले की बाली पंचायत समिति के 33 गांवों को टाडा योजना में शामिल किया है। वहीं पहली बार राजसमंद के 39 गांवों को टीएसपी क्षेत्र से जोड़ने की पहल की है। कुंभलगढ़ के 24 और नाथद्वारा के 15 गांव शामिल होंगे। इसमें उदयपुर के 343 गांव, प्रतापगढ़ के 155, चित्तौड़गढ़ के 51 गांव भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में पिछले दिनों मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य सरकार द्वारा जनजाति मंत्रालय से टीएसपी क्षेत्र के विकास के लिए अब अतिरिक्त राशि मिल पाएगी। इससे कुंभलगढ़ नाथद्वारा के 39 गांवों का विकास होगा। वहीं मूलभूत सुविधाओं से वंचित जनजाति क्षेत्र के इन गांवों का पानी, बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाओं का लाभ मिल पाएगा।
येक्षेत्र होंगे शामिल :पाली जिले में बाली के 33, सिरोही जिले में आबूरोड की 2 नगर पालिकाएं पिंडवाड़ा के 51 गांव अनुसूचित क्षेत्र के विस्तार में शामिल किए जाएंगे।
यहगांव पूर्व में भी थे माडा में : ठंडीबेरी, लक्ष्मणपुरा, खेतरली, कोलवाडा, कोतीवाडा, गोरिया, कोरवा, भीमाणा, अरडवा, दानवरली, काकराडी, सांभरवाडा, हिरोला,मालनू, लुंदाडा सहित कोयलाव गांवों को भी माडा योजना से जोड़ा गया था
, लेकिन इन्हें टाडा में जोड़ने की कार्रवाई वर्तमान में राजस्थान सरकार द्वारा की जा रही है।
यह गांव रहे वंचित
क्षेत्रके आदिवासी जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के गांवा भारला, खारडा, सेरावा, बराडिया, रघुनाथपुरा, गोरधनपुरा,रोनवाड़, जूना बेड़ा सहित कुंडाल गांव को वंचित रखा गया है। जनसंख्या-2011 के अनुसार भारला गांव में 98.53 प्रतिशत, खारडा में 99.27 प्रतिशत, सेरावा में 90.88, रघुनाथपुरा 53.57 प्रतिशत, कुंडाल में 98.89 प्रतिशत, जूना बेड़ा में 65.49 प्रतिशत, रोनवाडा में 97.59 प्रतिशत, गोरधनपुरा 97.33 प्रतिशत जनसंख्या जनजाति की निवास करती है।
वंचित गांवों को जुड़वाने का प्रयास करेंगे
^चुनावोंसे पूर्व जनजाति क्षेत्र के निवासियों को टाडा में जोड़ने का वादा किया था। राज्य सरकार ने बाली के 33 गांवों की रिपोर्ट बनाकर स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भिजवा दी है। अगर कोई गांव वंचित रह गया है तो उसका नाम भी जुड़वाने का प्रयास किया जाएगा। पुष्पेंद्रसिंहराणावत, विधायकएवं ऊर्जा राज्यमंत्री, राजस्थान सरकार
यह 33 ग