आदिवासी महिलाओं ने लिया गांव-समाज को शराब से मुक्ति दिलाने का संकल्प
संभाग स्तरीय स्वयं सहायता समूहों के सम्मेलन में भागीदारी निभाई आदिवासी महिलाओं के समूहों ने
भास्करन्यूज | बाली
आदिवासीबहुल भीमाणा गांव में शुक्रवार को पाली समेत 5 जिलों में सक्रिय 600 महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने एक मंच पर आकर महिला सशक्तिकरण अभियान को मजबूती प्रदान करने की शपथ ली।
ठेठ देहाती और अनपढ़ महिलाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वास से होने वाले नुकसान तथा सामाजिक संरचना में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार काफी प्रभावी तरीके से रखकर वहां मौजूद ऊर्जा राज्य मंत्री कलेक्टर कुमारपाल गौतम को भी चकित कर दिया। महिलाओं ने समवेत स्वर से अपने इलाके में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार के साधन विकसित करने की सार्वजनिक रूप से घोषणा कर पूरे माहौल करतल ध्वनि से गुंजायमान कर दिया।
आदिवासी अंचल में शराबबंदी अभियान से महिला जगत की रोल मॉडल बनी बाबली देवी गरासिया ने अपने क्षेत्र में शराब भगाओ, देश-संस्कृति बचाओ- परिवार खुशहाल बनाओ को नारा बुलंद किया तो मौजूद हर महिला ने अपने घर से ही शराबबंदी का अभियान लागू करने के लिए अपने हाथ खड़े कर समर्थन दिया। जिला प्रशासन की पहल पर पहली बार आयोजित किए गए स्वयं सहायता समूहों के सम्मेलन को लेकर सुबह से ही महिलाओं का भीमाणा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अधिकांश महिला समूहों की महिलाएं मंगल गीत गाते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। यहां पर सभी महिला समूहों के अध्यक्षों तथा प्रमुख पदाधिकारियों का आदिवासी बालिकाओं ने आदिवासी परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया। पश्चिमी राजस्थान गरीबी शमन परियोजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत के मुख्य आतिथ्य कलेक्टर कुमारपाल गौतम की अध्यक्षता में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई प्रस्तावों को पारित किया गया।
इनलोगों ने भी किया संबोधित : मरुधराग्रामीण बैंक के अध्यक्ष एसपी श्रीमाली, पंचायत समिति प्रधान कपूराराम मेघवाल, पूर्व प्रधान सामताराम गरासिया, एमपॉवर महाप्रबंधक बिशनसिंह राठौड़, परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक जयपालसिंह मेड़तिया, परियोजना प्रबंधक संजीव सोनी, विकास अधिकारी विक्रमसिंह राजपुरोहित, तहसीलदार वीरभद्रसिंह, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश माथुर, लीड बैक अधिकारी पीबीएम लश्करी, सर रतन टाटा ट्रस्ट के टीम लीडर मुकेश शर्मा, पूर्व प्रधान सामताराम गरासिया, कोटड़ा प्रधान मुरली मनोहर मीणा ने भी संबोधित किया। इस दौरान आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच सहित एमपॉवर परियोजना गठित 600 स्वयं सहायता समूहों की करीबन 7 हजार महिलाएं मौजूद थी।
अतिथियोंका मांदल से स्वागत : एकदिवसीय महिला सम्मेलन में भाग लेने आए अतिथियों का स्वागत ढोल नगाड़ों की बजाए आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मे प्रचलित वाद्य यंत्र मांदल से स्वागत किया गया।
महिला सशक्तिकरण की
मिसाल सहायता समूह : गौतम
कलेक्टरकुमारपाल गौतम ने एमपॉवर परियोजना के तहत निर्मित स्वयं सहायता समूहों द्वारा ब्लॉक मे किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सम्मेलन प्रमाणित करता है कि महिला सशक्तिकरण कितना मजबूत है। गौतम ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं बकरी पालन, कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम अंध विश्वासों के प्रति ज्यादा जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
मंच पर महिलाओं ने साझा किए सशक्तिकरण के अनुभव
एकदिवसीय महिला सम्मेलन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने खुलकर अपनी बात मंच पर रखी तथा परियोजना के तहत हो रही गतिविधियों के बारे मे जानकारी दी गई। घूमर महिला समिति की अध्यक्ष बाबली बाई ने फेडरेशन के बारे में बताया। सगी बाई ने सीताफल कंपनी, हंजा बाई ने बकरी पालन समूह, हरिया देवी बायतु,अनोपी जोधपुर सहित दर्जनों महिलाओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किया। घूमर महिला समिति द्वारा नाटक की प्रस्तुतीकरण दी गई।
घूमर महिला समिति ने शराबबंदी की दिलाई शपथ, मंत्री ने भी हाथ उठाया
आदिवासीबाहुल्य क्षेत्र में महिलाओं के लिए गठित घूमर महिला समिति की अध्यक्ष बाबली देवी एवं सगी बाई ने अतिथियों से भरे मंच पर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में शराब पर रोक लगाने सहित दुकानों को बंद करने की शपथ हजारों महिलाओं को दिलाई गई। कार्यक्रम मे मौजूद ऊर्जा राज्यमंत्री ने भी समर्थन किया।
बाली. भिमाणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं।
{आदिवासी इलाके में शराब का निर्माण किसी सूरत में नहीं होने देंगे
{पूरे इलाके में शराब की दुकान लगाई तो उसे बंद कराई जाएगी
{गांव में कोई सार्वजनिक रूप से शराब का सेवन नहीं करेगा
{मृत्यु भोज बाल विवाह रोकने की शुरुआत खुद के घर से होगी
{किसी भी विवाद का निस्तारण अपने गांव में ही करेंगे
{स्वयं सहायता समूह बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाएंगे
{गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए महिला कमेटियां बनेंगी