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बाली में आदिवासियों ने मांगा अपना अधिकार

6 वर्ष पहले
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पंचायतसमिति प्रधान कपूराराम मेघवाल ने कहा कि आदिवासियों के लिए सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। ऐसे में आवश्यकता है कि उन योजनाओं को क्रियान्वित करने एवं उन्हें लागू करने सहित उनको आदिवासियों तक पहुंचाने की। मेघवाल गुरुवार को बाली में गोडवाड़ आदिवासी संगठन बाली एवं देसूरी के तत्वावधान में आयोजित आदिवासी मेले को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी शिक्षा के क्षेत्र में आदिवासी काफी पीछे हैं। ऐसे में आदिवासियों को अधिक से अधिक शिक्षा से जोड़कर उनका सर्वांगीण विकास किया जा सकता है। सरकार के द्वारा आदिवासियों के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई है तथा सरकार का प्राथमिक दायित्व भी है की इन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाए। इसके लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है।

मेघवाल ने इस अवसर पर आदिवासियों को अपने बालकों को शिक्षा के साथ ही साथ बालिकाओं की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही आदिवासियों में एक नई क्रांति लाई जा सकती है। इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष लखमाराम चौधरी,जिला परिषद सदस्य जगदीश जणवा ने आदिवासियों के लिए शिक्षा सहित चिकित्सा एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों की योजनाओ के बारे में जानकारी देते हुए उक्त योजनाओं का अधिक से अधिक फायदा उठाने का आव्हान किया गया। क्षेत्रिय समन्वयक वक्ताराम देवासी एवं हंसाराम मोरी ने आदिवासियो को संबोन्धित करते हुए वन मान्यता अधिकार कानून का सही ढंग से कियान्वयन करने की मांग की। उन्होंने ,बाली एवं देसूरी क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य गांवों को टाडा में शामिल करवाने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने,प्रत्येक बीपीएल परिवारो को राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से जोड़ने,निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जाने, वन मान्यता कानून के तहत गांव का सामूहिक अधिकार पत्र दिलाने सहित विभिन्न समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए सरकार से पूर्ण किए जाने की मांग की गई।

वहीं धूमर महिला संगठन से बाबली देवी एवं सगीबाई ने इस अवसर पर आदिवासियो की विभिन समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उनके हक एवं अधिकारों को पूर्ण किये जाने की बात करते हुए आदिवासियों को मुख्य धारा से जोड़ने का आव्हान किया गया। वाली कुमार उपसरपंच पीपला, डायलीबाई लोकहित पशुपालनक संघ, भगीबाई गोरिया, कालूराम कोटडा, चोपराम कुंडाल,चंपाबाई मालनू,कनीबाई ने भी आदिवासियों की विभिन्न समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए उनके समाधान के लिए आदिवासियों को संगठित होकर प्रय| करने सहित सरकार तक पहुंचाने की बात कही। इस अवसर पर विभिन्न समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी ग्राम पंचायतों के सरपंच सहित जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी मौजूद थे।

आदिवासियों ने मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

गोडवाड़आदिवासी संगठन बाली एवं देसूरी द्वारा आयोजित बाली में आदिवासियों के मेले में भाग लेने आए आदिवासियों ने उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार को मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समय पर अपनी मांगें पूर्ण करने की मांग की गई। जिसमें वन अधिकार मान्यता कानून का सही ढंग से क्रियान्वयन,बाली एवं देसूरी क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य वंचित गांवों को टाडा में शामिल करने,पेंशन प्रतिमाह 2000 रुपए देने, आदिवासी क्षेत्र में कॉलेज खोलने,वनभूमि के लम्बित दावों का तुरंत निस्तारण,आदिवासी क्षेत्र में शराबबंदी इत्यादि ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपकर पूर्ण करने की मांग की गई।

मेलेमें लगाई प्रदर्शनी

आदिवासियोंको शिक्षा के प्रति जागृति लाने सहित वन में पैदा होने वाली प्राकृतिक जड़ी-बूटियों सहित कृषि से संबन्धित उपकरणों एवं मनरेगा,राजस्थान सुनवाई का अधिकार,सूचना का अधिकार,जल स्वावलंबन योजना सहित आदिवासियों के विकास को स्टॉल में दर्शाया गया है।

बालीमें निकाली रैली

आदिवासीमेले को लेकर बाली बोया चौराहा से नगर के मुख्य मार्गों से सैकडों आदिवासियों ने अपने हक एवं अधिकारों की मांग को लेकर रैली निकाली गई। रैली मुख्य बोया चोराहे से प्रताप चौक से रंजन सराय होते हुए सीघे सड़क मार्ग से रडावा स्थित गणगौर मैदान के पास समारोह स्थल में पहुंची।

बाली. गोडवाड़ आदिवासी संगठन की ओर से आयोजित आदिवासी मेले को लेकर निकाली गई रैली। फोटो| भास्कर