स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए पिलाया काढ़ा
आयुर्वेदचिकित्सा विभाग राजस्थान एवं लॉयंस क्लब जसोल के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कस्बे के राजकीय आयुर्वेद औषधालय, विभिन्न स्कूलों माजीसा मंदिर में ग्रामीणों बच्चों को आयुर्वेदिक औषधियों से निर्मित काढ़ा बनाकर पिलाया गया। इस दौरान करीब 3000 लोगों ने काढ़ा पिया।
राजकीय आयुर्वेद औषधालय के उप वैद्य रामकिशोर गर्ग ने कहा कि स्वाइन फ्लू के लिए आयुर्वेद काढ़ा लाभप्रद है। इससे शरीर स्वस्थ निरोगी रहेगा। उन्होंने बताया कि यह काढ़ा गोजिव्यादि क्लाथ, तुलसी, दशमूल क्वाथ, महारास्ना दिववाथ, धनिया, नवात, नीम गिलोज, दाड़िम का छिलका आदि जड़ी-बूटियों से तैयार किया हुआ है।
इसको बनाने में करीब 6 घंटों का समय लगता है। लॉयंस क्लब जसोल के अध्यक्ष अशोककुमार ढेलड़िया ने बताया कि आयुर्वेदिक काढ़ा कस्बे के अमरपुरा स्कूल में 540, नवकार स्कूल में 300, बालोदया स्कूल में 340, महेश स्कूल में 200, माजीसा मंदिर अन्य जगहों पर करीबन 3000 लोगों को काढ़ा पिलाया गया। ये अभियान दो दिन तक जारी रहेगा।
उन्होंने स्वाइन फ्लू रोग के लक्षण बचाव की जानकारी दी। इस दौरान नारायणसिंह, महावीर भंसाली, करणसिंह, तनसुख तातेड़, उषभराज तातेड़, जगदीश राव, राजेंद्र ढेलड़िया, लॉयंस क्लब पूर्व जोन चेयरमैन कांतिलाल ढेलड़िया आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया।
शांतिनिकेतन स्कूल में बच्चों को पिलाया काढ़ा
बालोतरा.स्थानीयशांति निकेतन उच्च माध्यमिक स्कूल में सोमवार को 650 विद्यार्थियों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा बनाकर पिलाया गया। इस दौरान राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के डॉ. राजेंद्रकुमार जैन ने स्वाइन फ्लू के लक्षण उपचार के बारे में जानकारी दी। स्कूल के प्रधानाचार्य रामाधार अग्रवाल सहित स्कूल स्टाफ मौजूद थे।
जसोल. विद्यार्थियों को काढ़ा पिलाते हुए क्लब के पदाधिकारी।
बालोतरा. शांति निकेतन स्कूल में विद्यार्थियों को पिलाया काढ़ा।