कृमिरोधी टेबलेट दी, खुराक पिलाई
शहरके गांधीपुरा स्थित परमार्थ खेतारामजी उच्च माध्यमिक स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया।
स्कूल संचालक खेताराम मनणा ने बताया कि कार्यक्रम में स्कूल विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई। वहीं प्रधानाचार्य कांतिलाल मनणा ने बताया कि विद्यार्थियों को कृमि नियंत्रण की दवाई खाने के साथ-साथ कृमि नियंत्रण रोकथाम के महत्वपूर्ण व्यवहार भी अपनाने चाहिए।
अध्यापक नरपतसिंह मनणा ने बताया कि कृमि नियंत्रण से बच्चों को अनेक फायदे होते हैं। इसी तरह, राजकीय प्राथमिक स्कूल वागरियों का धोरा में बुधवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रभारी जबरचंद सोनी ने बताया कि कार्यक्रम में स्कूल में कुल 81 बच्चों को एलबेंडाजोल टेबलेट खिलाई गई। इस दौरान आयोजित स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी परीक्षा के छात्र वर्ग में पांचवीं कक्षा के निखिल छात्रा वर्ग में पांचवीं कथा की पिंकी ने पहला स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रधानाध्यापक लेखराज जाटोल की ओर से पुरस्कृत किया गया।
रमणिया.क्षेत्र में बुधवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राजकीय विद्यालयों, निजी विद्यालयों सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 1 वर्ष से 18 वर्ष के बालक-बालिकाओं को कृमि रोधी दवाई की टेबलेट एवं दवाई पिलाई गई। राजकीय अस्पताल रमणिया के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता गीता देवी, एएनएम बबलू मेघवाल आशा कमला मेघवाल द्वारा 1से 3 वर्ष तक के बच्चों को कृमिरोधी दवा पिलाई गई। साथ ही बड़े बालक-बालिकाओं को टेबलेट खिलाई गई।
खंडप.कस्बेसहित अर्थंडी, रातड़ी, गोलिया चौधरियान, जालमपुरा, सेवाली आदि गांवों में राष्ट्रीय कृमि दिवस पर बुधवार को कृमि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों स्कूलों में कृमिरोधी खुराक दी गई। सीनियर सैकंडरी स्कूल में संस्था प्रधान राकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में विद्यार्थियों को खुराक पिलाई। इसी तरह राजकीय विद्यालय छियाली में संस्था प्रधान मोहनलाल आदि ने कृमिरोधी खुराक दी। राजकीय विद्यालय सरवड़ी चारणान में एएनएम सुरेशबाई ने कृमिरोधी दवा दी। राउप्रा स्कूल रेबारियों की बस्ती सेवाली, राउमा स्कूल सेवाली, राबाउप्रा स्कूल सेवाली, विनायक विद्या मंदिर में वार्डपंच मोरकीदेवी देवासी, सोरमदेवी, पुखराज देवासी, मांगीलाल राजपुरोहित, पदमाराम चौधरी आदि की मौजूदगी में खुराक दी गई।
बालोतरा. कृमि रोग मुक्ति के लिए दवा बांटते हुए।