माता-पिता की आज्ञा का पालन ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म : महाराज
स्थानीयरबारियों का टांका के पास हनुमान मंदिर में राम धाम खेड़ापा के रामस्नेही परसाराम महाराज के सानिध्य में कथा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में परसाराम महाराज ने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को शरीर दिया, रहने के लिए घर, खाने पीने के लिए अन्न जल दिया है। फिर भी ईश्वर को भूल गए तो मनुष्य को दुख एवं चौरासी लाख जुणियों में पस्ताना पड़ेगा। महाराज ने कहा कि तीर्थ स्नान करोगे तो रूपवान काया मिलेगी, तपस्या करोगे तो राजा बनोगे, यज्ञ करोगे तो धनवान बनोगे, व्रत करोगे तो निरोगी काया होगी। उन्होंने कहा कि गायों की हमेशा सेवा करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। माता-पिता की आज्ञा का पालन करना ही मनुष्य का धर्म है। नशे से हमेशा दूर रहना चाहिए। समय निकाल कर परमात्मा का स्मरण करें शुद्ध भाषा का प्रयोग करना चाहिए। इस अवसर पर अनिल शर्मा, जेठाराम शर्मा, धनाराम, अशोक दर्जी, ओम प्रकाश, भरत, रामपालसिंह, बाबूलाल जांगिड़, गोपालसिंह, रतनसिंह, हेमंत प्रजापत, कमला, धापू कंवर सहित भक्तजन उपस्थित थे।