स्वाइन फ्लू : मां-बेटी ठीक हो लौटीं
भीतरीशहर में जामा मस्जिद के सामने वाली तंग गली में अब फिर से छह वर्षीय जेनम की शैतानियां-धमाचौकड़ी शुरू हो गई है। पूरी गली की लाड़ली जेनम को कुछ दिन पहले ही गंभीर बीमारी स्वाइन फ्लू ने क्या जकड़ा, पूरी गली की रौनक ही गायब हो गई थी।
हर काेई उसके जल्दी स्वस्थ होने की दुआ मांग रहा था। गली के कई बड़े-बुजुर्गों का तो खाना तक छूट गया। सभी की दुआएं काम आई और जोधपुर में पांच दिन चले इलाज के बाद स्वाइन फ्लू से पीड़ित जेनम उसकी अम्मी नसीम (25) अब एकदम तंदुरूस्त है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू से आए दिन होने वाली मौतों से हर जगह भय व्याप्त है, ऐसे में इस गंभीर बीमारी की जकड़न से एकदम स्वस्थ होकर निकलना परिवार वालों की जागरूकता चिकित्सकों की मेहनत का ही नतीजा है।
इमरानकी सूझबूझ से बची तीन जानें
गर्भवतीनसीम उनकी छह वर्षीय पुत्री जेनम आज एकदम स्वस्थ है तो इसका श्रेय नसीम के पति इमरान की जागरूकता सूझबूझ को ही जाता है। इमरान के चाचा इकबालभाई एचएमटी बताते हैं कि गर्भवती नसीम को रूटीन चैकअप के लिए जोधपुर स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया था। नसीम को हरवक्त हल्का बुखार रहता था और सर्दी-जुकाम की शिकायत भी थी। वहां डॉक्टर ने रूटीन चैकअप के बाद उन्हें घर जाने की सलाह दे दी, मगर इमरान ने नसीम का स्वाइन फ्लू टेस्ट करने का आग्रह किया। डॉक्टर ने कहा कि ऐसी कोई बात नजर नहीं आती, साधारण फ्लू होगा। पर इमरान का मन नहीं माना और उन्होंने प्राइवेट लैब एसआरएल में नसीम का स्वाइन फ्लू टेस्ट करवाया। इसके बाद वे बालोतरा लौट गए। दो दिन बाद लैब की रिपोर्ट आई तो पूरा परिवार के चिंतित हो गया, रिपोर्ट में नसीम को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव बताया गया था। रिपोर्ट पास में ही स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉ. संतोष शिवनानी को दिखाई तो उन्होंने शीघ्र जोधपुर एमडीएम हॉस्पिटल में भर्ती करवाने की सलाह दी और प्रारंभिक दवाइयां देकर उन्हें रवाना किया। एमडीएम हॉस्पिटल में एक दिन ट्रीटमेंट के बाद नसीम का फिर से टेस्ट करवाया गया तो स्वाइन फ्लू नेगेटिव गया।
जेनममें लक्षण दिखे तो करवाई जांच
नसीमकी छह वर्षीय पुत्री जेनम को भी हल्का बुखार, जुकाम उल्टी की शिकायत थी। इस पर इमरान ने एमडीएम हॉस्पिटल में ही 31 जनवरी को उसका भी स्वाइन फ्लू टेस्ट करवाया। जांच रिपोर्ट में जेनम के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आने पर उसे तत्काल राजकीय उम्मेद अस्पताल में रेफर किया गया। वहां जेनम को पांच दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया और इलाज चला। इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि अब स्वाइन फ्लू नेगेटिव है, इसे घर ले जा सकते हैं, तब परिवार वालों की जान में जान आई। साथ ही परिवारजनों ने सावधानी बरतते हुए पूरे परिवार के बच्चों का टेस्ट करवाया और पूरे परिवार वालों ने टेमी फ्लू टैबलेट भी ली।
बालोतरा. छह वर्षीय जेनम उसकी मां नसीम।