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बस नाम का स्टैंड, बसें रुकती हैं आरक्षण होता
जिलेके सबसे बड़े उपखंड मुख्यालय बालोतरा में रोडवेज का केंद्रीय बस स्टैंड विभागीय अनदेखी के चलते उपेक्षा का शिकार हो रखा है। यहां तो रोडवेज की बसें रुकती है और ही रिजर्वेशन की सुविधा यात्रियों को मिलती है। इसके अलावा भी कई अव्यवस्थाएं बस स्टैंड पर व्याप्त है, जिनसे हर रोज यात्री दो-चार होते हैं।
हालात यह है कि बस स्टैंड पर पूरे दिन सन्नाटा छाया रहता है। उल्लेखनीय है कि यात्रियों की सुविधा के लिए नगरपालिका बालोतरा ने करीब 12 वर्ष पहले रोडवेज के आग्रह पर लाखों रुपए की लागत से बस स्टैंड का निर्माण करवाया। इसके बाद कुछ सालों तक सुचारु रूप से बुकिंग कार्यालय खुला और बसों का संचालन भी हुआ। लेकिन कुछ समय बाद कार्मिकों ने लापरवाही बरतते हुए यहां बैठना बंद कर दिया। कई सालों तक बस स्टैंड पर बुकिंग कार्यालय बंद रहा, फिर तत्कालीन पूर्व विधायक मदन प्रजापत ने लोगों के आग्रह पर रोडवेज के उच्चाधिकारियों से बातचीत कर पुन: कार्यालय खुलवाया। वर्ष 2012 से 2013 तक बुकिंग कार्यालय खुला रहने के साथ यहां हर समय एक कार्मिक सेवाएं देने लगे। लेकिन पिछले दो साल से केंद्रीय बस स्टैंड पर तो कार्मिक बैठता है और ही बसों का ठहराव होता है।
मेरी जानकारी में नहीं
^रोडवेजबस स्टैंड को नगरपरिषद की ओर से हैंडओवर किया गया है या नहीं, फिलहाल मेरी जानकारी में नहीं है। पता करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। शिवपालसिंहराजपुरोहित, आयुक्त, नगरपरिषद बालोतरा।
रोडवेज को ही नुकसान
^रोडवेजबसों को केंद्रीय बस स्टेशन पर रोकने से उल्टा रोडवेज को ही नुकसान हो रहा है। इससे अवैध बसों को प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही बसों के स्टैंड पर आने के दैारान समय की बर्बादी होती है। जवाहरलालबोराणा, प्रबंधक, बाड़मेर-आगार डिपो।
रिजर्वेशन की सुविधा नहीं
इतनाबड़ा उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद यात्रियों काे बालोतरा से रोडवेज बस में सफर करने के लिए रिजर्वेशन की सुविधा नहीं मिल रही है। इसके लिए यात्रियों को 10 किलोमीटर दूर पचपदरा बस स्टैंड जाकर रिजर्वेशन करवाना पड़ रहा है।
मुसाफिरझेलते दोहरी परेशानी
रोडवेजके केंद्रीय बस स्टैंड पर हर दिन कई मुसाफिरों को यहां आकर निराश लौटना पड़ रहा है। बस पकड़ने के लिए शहर के भीतर इलाके से टैक्सी का किराया खर्च कर मुसाफिर जब यहां पहुंचता है तो काफी देर इंतजार के बाद जानकारी मिलती है कि यहां पर बसों का ठहराव नहीं हो रहा है। ऐसे में फिर टैक्सी किराए कर प्रथम रेलवे क्रॉसिंग या क्षत्रियों का मोर्चा जाना पड़ता है।
70 का आवागमन, रुकती सिर्फ 6 बसें
बालोतरासे बाड़मेर, जोधपुर, अहमदाबाद, फलौदी सहित अन्य जगहों के लिए करीब 70 रोडवेज बसों का आवागमन हर दिन होता है। लेकिन इनमें से केवल फलौदी डिपो की छह बसें की बस स्टैंड पर रुकती है, शेष स्टैंड पर रुकने के बजाय निजी बस स्टैंडों से सीधी निकल जाती है। इससे रोडवेज को राजस्व में भी नुकसान झेलना पड़ता है। इसके बावजूद विभाग के जिम्मेदार कारिंदे गंभीर नहीं है।
बालोतरा. सूना पड़ा केंद्रीय बस स्टैंड।
बालोतरा. कमरों के लगे ताले।