- Hindi News
- बालोतरा मोकलसर आदर्श स्कूल में मातृ सम्मेलन
बालोतरा मोकलसर आदर्श स्कूल में मातृ सम्मेलन
शिशु की शिक्षा मां के गर्भ से ही प्रारंभ हो जाती है। शिक्षा संस्कारक्षम होनी चाहिए, जिससे एक शिशु आदर्श नागरिक बन सके। ये विचार स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में शनिवार को आयोजित मातृ सम्मेलन में विद्या भारती जोधपुर प्रांत के कार्यकारिणी सदस्य वासुदेव प्रजापति ने व्यक्त किए।
प्रजापति ने कहा कि विद्या भारती के इन सम्मेलनों के आयोजन का उद्देश्य बालकों के सर्वांगिण विकास के लिए होता है। शिशु के सर्वांगिण विकास के लिए एक माता ही सक्षम होती है। हमारे यहां तो शास्त्रों में भी गर्भवती मां के आचार-विचार के नियम दिए गए हैं। कॉन्वेंट कल्चर को नकारते हुए उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा मात्र पैकेजों के लिए ही हो रही है। आधुनिक शिक्षा साक्षर तो बना सकता है, लेकिन अगर इसमें संस्कार नहीं हो तो वे साक्षर राक्षस बन जाते हैं। मातृभाषा शिक्षण ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षण का माध्यम है, भारत को यदि पुन: विश्व गुरु के रूप में बनाने में मातृ शक्ति ही समर्थ हैं। प्रचार प्रमुख कन्हैयालाल जांगिड़ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन सरस्वती वंदना से हुई। मुख्य अतिथि तेरापंथ कन्या मंडल बालोतरा की प्रभारी ममता गोलेच्छा ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा का सर्वश्रेष्ठ केंद्र है। अंग्रेजी शिक्षा की विकृति के कारण ही भ्रूण हत्या जैसे अपराध होते है। उन्होंने माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मां बच्चों को अच्छे संस्कार दें। माताएं तो देवी है वे अपने बच्चों को बड़ों का आदर करने के संस्कार दें। कार्यक्रम में छात्रा विमला ने मां पर आधारित कविता तथा छात्रा राशि, पार्थिवी और अवनिता ने गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अध्यक्षा स्थानीय समिति की उपाध्यक्षा उषा पुंगलिया ने की। स्वागत परिचय बालिका माध्यमिक स्कूल की प्रधानाचार्या प्रमिता अरोड़ा बालिका प्राथमिक नीलम शर्मा ने स्कूल की वृत्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला समिति के अध्यक्ष जगदीश पुंगलिया उपाध्यक्ष नरेंद्रकुमार गर्ग, व्यवस्थापक ओमप्रकाश सुराणा, स्थानीय समिति अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद गोयल, भरत मोदी, मोहनलाल गहलोत, नीतू बाहेती, राजकुमारी मानधना, यशोदा, अर्चना मालानी सहित बड़ी संख्या में माताएं स्कूल समिति के आचार्य, आचार्या सहित बालिकाएं मौजूद थीं। संचालन आचार्या प्रतिभा गुप्ता ने किया प्रधानाचार्य राजेंद्रपाल भाटी ने धन्यवाद व्यक्त किया।