पटवारी परीक्षार्थियों का महाकुंभ
दो किलोमीटर सड़क पर एक घंटे तक जाम
बाड़मेर | जिलेमें बाड़मेर बालोतरा मुख्यालय पर 32 केंद्रों पर पटवारी परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। सभी केंद्रों के प्रत्येक कक्ष में पहली बार जैमर लगाए गए। सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त के बीच अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद केंद्र में प्रवेश दिया गया। सुबह से शहर में अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ा। जिलेभर में 33292 में से 25310 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 7982 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
15अफसर,26 फ्लाइंग टीमें : बाड़मेरबालोतरा में आयोजित परीक्षा के दौरान 15 अफसर 26 फ्लाइंग टीमें लगातार केंद्रों का निरीक्षण करने में जुटी रही। वहीं एसपी परिस देशमुख के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाला। दोपहर 12 से 3 बजे तक आयोजित परीक्षा के दौरान पुलिस प्रशासन के पुख्ता इंतजामों के चलते कहीं पर विवाद का मामला सामने नहीं आया। पटवार परीक्षा देने पहुंची महिला अभ्यर्थियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले दुपट्टे, स्वेटर, शॉल आदि उतरवाए गए। घर से अकेले आने वाली महिलाओं के सामने इन सामान को रखने की परेशानी हुई। कई अभ्यर्थियों ने घर पर फोन कर परिजनों को बुलाकर सामान दिया।
जीकेके सवालों ने उलझाया, गणित,हिंदी के प्रश्न आसान : पटवारीपरीक्षा में 3 घंटे में 180 प्रश्न हल करने थे। जीके सामान्य विज्ञान के 60 प्रश्न पूछे गए। जीके के सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझा दिया। जबकि विज्ञान के अपेक्षाकृत गणित विषय के सवाल में सरल थे। हिंदी के सवाल ज्यादातर औसत थे। इन्हें हल करने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि जीके को छोड़कर बाकी विषयों के पेपर ज्यादा कठिन नहीं थे। इधर,परीक्षा के बाद भास्कर ने विषय विषय विशेषज्ञों से बात की। सभी से यही राय निकलकर आई कि पटवार परीक्षा की मेरिट ज्यादा ऊंची नहीं जाएगी। छात्रों को जीके के अंक हासिल करने में दिक्कत आएगी।
देर शाम तक बसों-ट्रेनों में रही भीड़
हालांकिपरीक्षा दोपहर 12 बजे से होने के चलते कई परीक्षार्थी शनिवार सुबह ही बालोतरा पहुंचे, मगर परीक्षा खत्म होने के बाद बसों ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। स्थिति यह रही कि देर शाम तक बसें ट्रेनें यात्रियों से ठूंस-ठूंसकर भरी हुई रवाना हुई। पुलिस को भी परीक्षार्थियों के रवाना होने तक काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मोबाइल गाड़ियों पर नहीं लगाए स्टीकर
प्रशासनकी यह चूक रही कि परीक्षा केंदो्रों की जांच करने पहुंची मोबाइल गाड़ियों पर कोई स्टीकर नहीं लगाए गए। इसके चलते कोई गाड़ी किसी परीक्षा केंद्र के गेट पर रुकती तो सिपाही मोबाइल पार्टी की गाड़ी समझकर तुरंत गेट खोल देता। ऐसे में कोई संदिग्ध गाड़ी भी परीक्षा केंद में घुस सकती थी। वैसे अमूमन ऐसे समय गाड़ियों पर स्टीकर लगाए जाते हैं, जिससे पता चल सके कि यह गाड़ी किस मोबाइल पार्टी की है।
स्पेशल ट्रेन बसें चलने से मिली राहत
शनिवारकाे पटवारी परीक्षा को लेकर एक स्पेशल ट्रेन जोधपुर से बाड़मेर के लिए चलने से खासी राहत मिली। ट्रेन सुबह 9.30 बजे बालोतरा पहुंच गई, जिसमें काफी परीक्षार्थी सुबह ही यहां पहुंचे। शाम को वही ट्रेन वापिस 5.30 बजे बालोतरा पहुंची, इस ट्रेन में ऊपर भी सवारियां बैठी थी। वहीं डीटीओ अचलाराम के निर्देश पर कई प्राइवेट बसों को भी रूटों पर लगाया गया, जिससे परीक्षार्थियों को काफी राहत मिली।
जैमर लगने से नेटवर्क रहा बाधित
इसबार परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। हर सेंटर पर जैमर लगाए गए थे, जिसके चलते शहर में नेटवर्क गड़बड़ाया हुआ रहा। वहीं शहर में यातायात व्यवस्था भी इससे खासी प्रभावित हुई। परीक्षा से पहले परीक्षा होने के बाद परीक्षार्थियों का हुजूम जैसे ही सड़कों पर आया तो कई बार जाम लग गए। पुलिस ने मुश्तैदी से यातायात व्यवस्था को सुचारू करवाया। कई समाजों की अोर से हॉस्टलों में ठहरने खाने की व्यवस्था करने से भी पहले पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को राहत मिली।
बालोतरा. शनिवार शाम को जोधपुर की ओर जाने वाली स्पेशल ट्रेन पर चढ़े परीक्षार्थी।
भास्कर संवाददाता | बालोतरा
शनिवार को आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा शांतिपूर्वक निबट जाने से पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। बालोतरा क्षेत्र के 59 सेंटरों पर कुल 12, 196 परीक्षार्थी बैठने थे, मगर 9, 672 ही पह़ुंचे, 2524 जने अनुपस्थित रहे। इनमें कुछ परीक्षार्थी ऐसे भी थे जो थोड़ा देरी से पहुंचे, तो उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा से पहले ही पंचायत समिति सभागार में बने परीक्षा केंद्र पर लगे एक शिक्षक की ड्यूटी बदली गई। शिक्षक अपने किसी परिजन को छोड़ने केंद्र से बाहर चला गया था और देरी से वापस लौटा तो संदेह के आधार पर उसकी जगह दूसरे शिक्षक की ड्यूटी लगाई गई।
प्रशासनपुलिस व्यवस्था रही चौकस
पटवारीभर्ती परीक्षा में एसडीएम उदयभानू चारण, एएसपी जसाराम बोस, डीएसपी राजेश माथुर, तहसीलदार भागीरथ चौधरी सीआई गौरव अमरावत के नेतृत्व प्रशासन पुलिस की चौकस व्यवस्था रही। हर सेंटर पर चार-चार जवान तैनात किए गए। वहीं शहर में भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवान तैनात रहे। वहीं 9 संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था रही। इसके अलावा मोबाइल टीमों ने लगातार गश्त की। समन्वयक उप समन्वयक के साथ भी दो-दो कांस्टेबल रहे।