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अब नागवार लगने लगा सीवरेज का काम

6 वर्ष पहले
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भलेही शहर के विकास में कोई कसर नहीं छाेड़ी जा रही हो, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए किए जा रहे विकास कार्य जब पूरे किए बिना ही अधूरे छोड़ दिए जाते हैं तो वे ज्यादा तकलीफदायी बन जाते हैं। कुछ ऐसी स्थिति अब शहरवासियों की हो रखी है।

शहर में चल रहे सीवरेज कार्य के दौरान जगह-जगह से सड़कें खोदी पड़ी हैं। जहां सीवरेज डाल दी गई, वहां महीनों गुजरने के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही है। ऐसे में शहरवासी अधूरे विकास कार्य की तकलीफ झेल रहे हैं। सीवरेज डालने के बाद नगरपरिषद की ओर से सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जाने की वजह से लोगों के लिए सीवरेज की यह सुविधा अब दुविधा बनती जा रही है। खस्ताहाल सड़कों से वाहन गुजरने के बाद उड़ती धुल-मिट्टी लोगों के लिए सांस संबंधी बीमारियां पैदा कर रही है। वहीं सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। गड्ढों से अनियंत्रित होकर आए दिन दुपहिया वाहन चालक नीचे गिर रहे हैं। वहीं गड्ढों को सही नहीं पाटने की वजह से भारी वाहनों के धंसने की भी शिकायतें बढ़ गई हैं।

बालोतरा. धुल-मिट्टी से बचने के लिए कुछ यूं करना पड़ रहा है जतन।

बालोतरा. सीवरेज से खस्ताहाल हुए मुख्य मार्ग पर उड़ते रेत के गुब्बार।

सीवरेज ने बढ़ा दी तकलीफें

^इससीवरेज के कार्य ने तो परेशान कर दिया है। सीवरेज डाले हुए महीनों गुजर गए, लेकिन अभी तक क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत नहीं की जा रही है। रमेशबी प्रजापत, शहरवासी।

दुविधा बन गई सीवरेज

^सीवरेजसे सुविधा तो मिलेगी जब देखा जाएगा, पर फिलहाल यह दुविधा जरूर बन गई है। उड़ती धुल-मिट्टी ने परेशान कर दिया है। नगरपरिषद को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कर शहरवासियों काे राहत प्रदान करनी चाहिए। जितेंद्रवैष्णव, शहरवासी।

मरम्मत के लिए निकालेंगे टैंडर

^जल्दही टैंडर निकाल कर क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करवाई जाएगी। शिवपालसिंहराजपुरोहित, आयुक्त, नगरपरिषद बालोतरा।

उड़ती धुल-मिट्टी ने कर दिया परेशान

सीवरेजके लिए सड़कों की खुदाई के दौरान निकली मिट्टी सड़कों पर फैली पड़ी है। इसके अलावा सीवरेज बिछाने के बाद डाली गई मिट्टी के ऊपर से वाहन निकलते ही गुब्बारों के रूप में गर्द उड़ती है। जिससे लोगों को सांस की शिकायतें होने लगी है। बचाव के लिए लोग कई तरह के जतन भी कर रहे हैं, लेकिन वे इसके आगे नाकाफी साबित हो रहे हैं।

सौंदर्यको ग्रहण लगा रही लापरवाही

सड़कोंकी मरम्मत को लेकर जिम्मेदार कारिंदों की ओर से बरती जा रही लापरवाही शहर के सौंदर्यीकरण में ग्रहण लगाने वाला का कर रही हैं। शहरवासी लिखित मौखिक रूप से निरंतर अधिकारियों से इसकी मांग भी कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी इसे अनसुना किए जा रहे हैं। यही नहीं, जिम्मेदार खुद इस परेशानी से रूबरू होने के बावजूद इसके समाधान को लेकर गंभीर नहीं है।

नियमोंका बता रहे धत्ता

सीवरेजबिछाने के बाद 15 दिन तक क्षतिग्रस्त सड़क पर पानी की छंटाई का काम होना चाहिए। और इसके तुरंत बाद सड़क पर पेवर का काम होता है। लेकिन शहर में ऐसा कही नहीं दिखने को मिल रहा है। जहां सीवरेज बिछा दी, वहां महीनों गुजरने के बाद सड़कों पर पेवर नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा शहरवासियों को रोजमर्रा की बढ़ती परेशानियों के रूप में झेलना पड़ रहा है।