बलोतरा। निकटवर्ती असाड़ा गांव में मुस्लिम समाज असाड़ा की ओर से गौसुलवरा कांफ्रेस का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में बालोतरा, तिलवाड़ा, जसोल, पादरू, बुड़ीवाड़ा, आसोतरा, राखी, बागुंडी मेली आदि गांवों के गणमान्य लोगों ने शिरकत की।
इस अवसर पर किबला पीर सय्यद मेहमूद अली की अध्यक्षता में जलसे का आयोजन किया गया। कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता के रूप में मौलाना मुफ्ती उमर मोहम्मद साहब अशफाकी अलवरी मौजूद थे।
जहूर खां असाड़ा ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में जामा मस्जिद बालोतरा के इमाम वसीम अख्तर साहब ने हदीस की रोशनी पर तकरीर पेश की। इसके बाद मौलाना कमालुदीन साहब भीनमाल, गरीब नवाज मस्जिद बालोतरा के इमाम मौलाना नाहीद अख्तर पाली के ख्वाह फिरोज हसमती की ओर से नाअत शरीफ पेश की गई।
जामा मस्जिद समदड़ी के इमाम हाजी अब्दुल बारी साहब ने हुजूर शेख अब्दुल कादीर जीलानी गौसुल वेरा की जिंदगी और उनके उपदेश के बारे में जानकारी दी।इस अवसर पर कारी अब्दलु समद साहब, कारी यासीन मोहम्मद, पादरू इमाम शस्बीर अहमद साहब, जामा मस्जिद मौअज्जीन गुलाम नबी, तैबा मस्जिद इमाम मोहम्मद इरफान रौनक अफ़रोज हुए।
मुख्य वक्ता मौलाना मुफ्ती उमर मोहम्मद साबह ने नमाज, हज, रोजा जकात शिक्षा के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही समाज में व्याप्त कुरितियों को दूर करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्यारे नबी के बताए हुए रास्ते पर चलने पर इंसान को फायदा मिलता है। समाज में उच्च शिक्षा हासिल करने का विस्तारपूर्वक बयान किया। किबला पीर साबह सय्यद मेहमूद अजहर अली साहब ने दुआ सुनाई। इस अवसर पर मुस्लिम समाज असाड़ा की ओर से तमाम हाजरीन मजलीस के लिए लंगर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद साबीर चड़वा ने किया।