- Hindi News
- उनके कुछ वादे हुए पूरे, बहुत से हंै अधूरे
उनके कुछ वादे हुए पूरे, बहुत से हंै अधूरे
पूनम सिंह राठौड़/लाखाराम जाखड़|बाड़मेर
सरकारकी सालगिरह के जश्न मनाने की तैयारी हो चुकी है, विधायकों से ज्यादा कार्यकर्ताओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के साथ केन्द्र की सत्ता भाजपा को सौंपने वाली जनता कई उम्मीदें पाले है। सियासी उठापटक के बीच सरकार ने कई महत्ती योजनाओं को मूर्तरूप दिया। जिले से एकमात्र पचपदरा विधायक अमराराम चौधरी को राजस्व मंत्री पद के रूप में तोहफा दिया गया। बीते एक साल में जिले में प्रस्तावित रिफाइनरी प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने से आस जगी है।
पेयजल समस्या के स्थाई समाधान को प्रस्तावित नर्मदा, बाड़मेर लिफ्ट केनाल सरीखी बड़ी परियोजनाओं को काम चल रहा है, लेकिन बजट स्वीकृति में देरी से काम मंथर गति से चल रहा है। 23 साल बाद भाजपा सरकार ने पंचायत पुनर्गठन को मंजूरी देकर जनता को बड़ी सौगात दी है। हालांकि एक साल के अल्प समय में अन्य कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मूर्तरूप दिया जा रहा है। इससे विकास की उम्मीदें धीरे धीरे प्रबल हो रही है। वहीं विधायकों ने करोड़ों रुपए के काम कराने का दंभ भरा है। भास्कर ने भाजपा सरकार के एक साल के विकास कार्यों की हकीकत जानने की कोशिश की। पेश है एक साल के कार्यकाल पर विशेष रिपोर्ट....
पचपदरा विधायक : अमराराम चौधरी (भाजपा)
मौजूदास्थिति : पचपदरा में रिफाइनरी प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ने से विकास की रफ्तार थम गई। जमीनों के भाव आसमां से जमीन पर गए। बालोतरा को जिला बनाने का ख्वाब अधूरा। खारे पानी की समस्या का स्थाई समाधान का बेसब्री से इंतजार। हालांकि पंचायत पुनर्गठन में तीन नई पंचायत समितियां बनाने में सफल रहे।
विधायकका दावा : एमएलएफंड की करीब डेढ़ करोड़ रुपए राशि खर्च की गई। पानी, बिजली सड़कों के डामरीकरण पर पैसे दिए गए। सरकार से सी. सै. स्कूलों का क्रमोन्नत, हाइवे फोर लेन, 16 गांवों में गौरव पथ, पेयजल योजनाओं के बजट की स्वीकृति सहित कई काम। बालोतरा में औद्योगिक इकाइयों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रोजेक्ट बनाया। राजस्व विभाग से संबंधित काम करवाए गए।
कमजोरपक्ष : विधानसभालोकसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला, निकाय चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।
बाड़मेरविधायक: मेवाराम जैन (कांग्रेस)
मौजूदास्थिति : क्षेत्रके अकालग्रस्त