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मुनि विमलसागर का 10 दिवसीय प्रवास आज से

7 वर्ष पहले
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नाकोड़ातीर्थ में वर्षावास कर रहे राष्ट्रसंत जैनाचार्य पदमसागरसूरीश्वर महाराज के शिष्य प्रवचनकार मुनि विमलसागर महाराज अपने शिष्य मुनि पद्मविमलसागर महाराज के साथ दस दिवसीय पावस-प्रवास पर गुरुवार सवेरे बालोतरा आएंगे।

जैन समाज के सभी संप्रदायों के श्रद्धालुओं के साथ अजैन जिज्ञासु श्रोताओं में मुनि विमलसागर महाराज के बालोतरा प्रवास को लेकर अत्यंत उत्सुकता उत्साह का वातावरण है। मुनि के ओजस्वी मर्मस्पर्शी प्रवचनों शिविरों को लेकर तैयारियां जोरों से जारी हैं। बालोतरा का युवावर्ग मुनिवर के इस पावन प्रवास की सफलता और सार्थकता के लिए जुटा हुआ है। भारतीय साहित्य के विद्वान भाष्यकार मुनि विमलसागर महाराज सरस्वती के परम उपासक हैं और अब तक देश के विभिन्न प्रांतों में घूम-घूमकर पिछले 33 वर्षों में 7 हजार से अधिक प्रवचन दे चुके हैं। मानवीय जीवन मूल्यों के संरक्षण और परस्पर सद्भावना के विकास पर आधारित मुनि विमलसागर महाराज के प्रवचन हर संप्रदाय-समुदाय और वर्ग-मत के जिज्ञासुओं के लिए ज्ञान का अमूल्य उपहार होते हैं। गुरुवार सवेरे 7 बजे जसोल-बालोतरा सर्कल पर बड़ी संख्या में भक्तगण मुनिवरों का स्वागत करेंगे। मोती मार्केट के समीप मोती निवास में मुनिवरों का निवास होगा। 19 सितम्बर शुक्रवार से लूणी नदी के तट पर स्थित भगवान महावीर गौशाला प्रांगण में मुनि विमलसागर महाराज के ओजस्वी अमृत प्रवचन होंगे। 27 सितंबर को आयोजित प्रवचन सवेरे 9 बजे से 10.30 बजे तक चलेंगे। 21 सितंबर को युवा सेमिनार आयोजित किया गया है। 15 वर्ष से बड़े विद्यार्थी युवक-युवतियों के लिए आयोजित सेमिनार माइंड पावर, व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक सोच आदि युवावर्ग के जीवनोपयोगी विषयों पर आधारित हैं। सेमिनार सवेरे 9 से 11.30 बजे तक चलेगा। इसके लिए प्रवेश-पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। 25 सितम्बर को नवरात्रि के प्रथम दिन नूतन माह का विशेष महा मंगलपाठ होगा। सवेरे 9 बजे प्रारंभ होने वाले भक्ति आयोजन में संगीतमय मंत्रजाप ध्यान के प्रयोग भी होंगे। 26 सितम्बर को सवेरे 9 बजे से 50 वर्ष तक के दंपतियों के लिए दंपति शिविर आयोजित किया गया है। एक प्रवेश-पत्र के आधार पर पति-प|ी दोनों इस शिविर में भाग ले सकेंगे। मुनि पद्मविमलसागर महाराज ने बताया कि रफ्तार से बदलते युगीन परिवेश में अब ऐसे शिविरों की महती आवश्यकता है। संस्कृति और प्राचीन परंपरा की जड़ा