सेवज के खेतों में लहलगाने लगीं फसलें
क्षेत्रमें सेवज के खेतों में अब किसानों की मेहनत रंग दिखाने लगी है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अच्छी बारिश के चलते सेवज के खेतों में किसानों ने अच्छी फसलें बोई थी। फसलें अब पककर तैयार हाेने वाली है, ऐसे में काश्तकारों के चेहरे खिले हैं।
खेतों में पिछली बार हुई अच्छी बारिश का पानी सोखने के बाद किसानों की ओर से रायड़ा, तारामीरा, गेंहू, चना आदि फसलों की बुवाई की गई थी। फसलों की रखवाली के लिए किसान खेतों में ही निवास कर रहे हैं। गत बार क्षेत्र में अच्छी बारिश से सेवज के खेतों में पानी भराव हुआ था। पानी सूखने के बाद किसानों ने बुवाई की थी और उन्हें इस बार अच्छी फसल मिलने की उम्मीद बंधी थी, जो अब पूरी होती दिख रही है। क्षेत्र के लेटिया, लानी, कुंडल, मालियों की ढाणी, सिमरखिया सहित कई गांवों में सेहत के खेतों में फसलें लहलहा रही है।
थोब. गांव की सरहद मेंे स्थित एक खेत में लहलहाती रायड़े (सरसों) की फसल और तारामीरा की फसल।