जहां मरीज मिले, वहां स्क्रीनिंग तक नहीं
बालोतरा. एकही परिवार में स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी से दो जनें ग्रसित होने की जानकारी के बावजूद बाड़मेर का चिकित्सा महकमा लापरवाही की नींद ही सोता रहा। भीतरी शहर के जामा मस्जिद के सामने रहने वाली नसीम उनकी छह वर्षीय बेटी जेनम स्वाइन फ्लू की चपेट में गई थी। परिवारजनों की जागरूकता से उनकी तो जान बच गई, मगर चिकित्सा महकमा सर्तक नहीं हुआ। समाजसेवी इकबालभाई एचएमटी बताते हैं कि उन्होंने बाड़मेर सीएमएचओ ऑफिस के नंबर लेकर बार-बार फोन किए। कई बार तो फोन रिसीव ही नहीं हुए, इक्की-दुक्की बार किसी ने फोन उठाया तो ढंग से जवाब तक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उनके छह भाइयों के परिवार में बड़े-बुजुर्ग, बच्चों सहित करीब 50-60 मैंबर है, मगर उन्हें पूरी टेमीफ्लू टैबलेट तक नहीं दी गई। ज्यादा शिकायतें करने पर एक बार एएनएम आई और दो पैकेट टैबलेट पकड़ाकर रवाना हो गई। जबकि ना तो मौहल्ले में कोई टीम स्क्रीनिंग के लिए आई और ही इसे विभाग ने गंभीरता से लिया।