- Hindi News
- अवैध बस स्टैंड : दबंगाई ऐसी कि हर कोई परेशान
अवैध बस स्टैंड : दबंगाई ऐसी कि हर कोई परेशान
{प्रशासन की उदासीनता के चलते निजी वाहन चालकों के हौसले बुलंद
भास्करन्यूज | बालोतरा
निजीवाहन चालकों की मनमर्जी से शहर में जगह-जगह निजी अवैध बस स्टैंड बन गए हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था तो बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
जिम्मेदार प्रशासन नगरपरिषद की इस ओर अनदेखी सेे निजी वाहन चालकों के हौसले को बुलंद करने का काम कर रही है। यही नहीं, अवैध बस स्टैंडों के आसपास ठेला लगाने अस्थायी केबिनों के चलते कई मुख्य मार्ग भी संकरी गलियों से हो गए हैं। बसों के संचालन के दौरान कई बार इन स्टैंडों पर जाम की स्थिति बन जाती है। निजी बस स्टैंड संचालक यात्रियों से किराया भी अपनी मर्जी से वसूल रहे हैं। संबंधित विभाग कार्रवाई अमल में नहीं ला रहा, जहां जगह मिली बस रोकी और सवारियां चढ़ाना और उतारने का क्रम बना रहता है। इससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। पूर्व में प्रशासन ने इन स्टैंडों का स्थान निर्धारित करने के लिए योजना बनाकर प्रयास किए, लेकिन सुचारु क्रियान्वयन नहीं होने से आज भी स्थिति जस की तस बनी है।
आवागमन मुश्किल
अवैधबस स्टैंडों के कारण शहर के कई मुख्य मार्ग संकरे हो गए हैं। जगह-जगह बने इन स्टैंडों के आसपास कई दुकानदारों ने अस्थायी केबिन भी लगा लिए हैं। वहीं इन स्टैंडों पर बसों के ठहराव के दौरान ठेला संचालक भी इनके इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं। इसके चलते शहरवासियों को इन मार्गों पर आवागमन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां बसों के आवागमन के दौरान टैक्सियों का जमावड़ा रहने से भी मार्गों पर कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। इसका सीधा प्रभाव शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ता है।
कहां-कहांं बने हैं अवैध स्टैंड
शहरसे विभिन्न रूटों पर संचालित होने वाली निजी बसों के संचालकों ने द्वितीय रेलवे फाटक, छतरियों का मोर्चा, नया बस स्टैंड, सरस डेयरी के पास, समदड़ी रोड पर, बिजलीघर के पास, द्वितीय रेलवे फाटक के पास, वृंदावन उद्यान के सामने, नगरपरिषद के पास, रेलवे स्टेशन के पास अवैध स्टैंड बना रखे हैं।
^शहर में भीड़ भरे स्थानों पर बने इन स्टैंडों के कारण मार्ग पर आवागमन करते समय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन स्टैंडों पर देर शाम तक बसों का आवागमन लगा रहता है तथा यहां बने केबिन ठेलों पर असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा रहता है। इसके कारण सभ्य परिवार के लोगों का मार्ग से गुजरना तक मुश्किल हो रखा है। महेंद्रमेवाड़ा, शहरवासी।
^शहरमें जगह-जगह निजी वाहन चालकों ने अवैध बस स्टैंड बना रखे हैं। इन्हें हटाने के लिए नगरपरिषद की आेर से कार्य योजना तैयार की जा रही है, जिसका जल्द ही सुचारु क्रियांवयन किया जाएगा। इसके बाद निजी बसों को निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा रहने दिया जाएगा। रतनखत्री, सभापति, नगरपरिषद बालोतरा।
प्रशासनिक स्तर पर नहीं हो रहे हैं कारगर प्रयास
शहरमें बने इन स्टैंडों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के संबंध में प्रशासन स्थानीय नगरपरिषद की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पूर्व में प्रशासन, निकाय परिवहन विभाग ने मिलकर कार्य योजना तैयार कर इन अवैध स्टैंडों को अन्यत्र स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन उसे अमलीजामा नहीं पहना सके।
नगरपरिषदको राजस्व का नुकसान
निजीबस संचालकों की ओर से शहर में मनमर्जी से बनाए गए स्टैंडों के कारण नगरपरिषद प्रशासन को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। इन बस संचालकों की ओर से लंबे समय से नगरपरिषद की भूमि बस स्टैंड के लिए इस्तेमाल किए जाने के बावजूद निकाय को किसी प्रकार का शुल्क नहीं दिया जा रहा है। इससे नगरपरिषद को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
बालोतरा. कबीर आश्रम के सामने मुख्य मार्ग पर बनाया गया निजी बसों का अवैध स्टैंड अौर रेलवे स्टेशन के बाहर बाउंड्री से सटकर खड़ी बसें टैक्सियां।