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बूंदाबांदी से छूटी धूजणी

7 वर्ष पहले
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दौसा. शीतलहर के प्रकोप के चलते जिले में रविवार को दूसरे दिन भी जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा। छुट्टी का दिन होने के कारण ठंड में अधिकांश लोग घरों से नहीं निकले। आसमान पर काली घटाएं छाने से दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए। सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी के कारण ठंड और बढ़ गई। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव तापते रहे। भारी भरकम ऊनी कपड़े मफलर-टोपा लगाए रहे।

ठंड के कारण बाजारों में सड़कें सूनी रही। शाम को जल्दी ही लोग घरों में दुबक गए। लोगों ने खान-पान बदल दिया। गर्म तासीर की वस्तुओं का प्रयोग बढ़ गया। बाजारों में मूंगफली, तिलपट्टी गर्म चाय-पकौड़े की डिमांड रही।

फसल के लिए रामबाण

कड़ाके की ठंड हल्की फुहारें गेहूं, चना सरसों की फसल के लिए रामबाण साबित हुई है। गत दिनों ठंड नहीं पड़ने से फसल की बढ़त नहीं हो रही थी। अब दिनभर हुई फुहारों के कारण फसल को फायदा होगा। आसमान पर घटाओं को देख किसानों को मावठ की आस भी हुई है।

शामतक टपकती रही बूंदें

सुबह से शाम तक हल्की फुहारें गिरती रही। इससे शीत लहर का प्रकोप और बढ़ गया। गर्म कपड़ों में लिपटे रहने के बावजूद लोग ठंड से कंपकंपाते रहे। दिनभर चाय गर्म वस्तुओं का सेवन भी ठंड के प्रकोप को कम नहीं कर पाया।

सिकराय| कस्बे सहित आस-पास के क्षेत्रों में रविवार को गिरी ओस की बूंदों ने सर्दी का अहसास करा दिया। लोग सर्दी में घरों से बाहर नहीं निकले। दो दिन से पड़ रही तेज सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए। दोपहर तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। ओस की बूंदों से सड़कें गीली हो गई।

अलाव का सहारा

लालसोट | ठंड का प्रकोप बढ़ने से लोग कंपकंपा उठे। आसमान में कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। लोगों ने सर्दी से बचाव के लिए अलाव का सहारा लिया। कोहरे के दौरान हल्की बूंदाबांदी भी आई।

ठिठुरन ने बिगाड़ी दिनचर्या

बांदीकुई| शहर में रविवार को सर्दी के तेवर तीखे रहे। सुबह ओस की बूंद गिरने दिनभर ठिठुरन रहने से लोग खासे परेशान रहे। सुबह होते ही शहर में ओस की बूंदें गिरती नजर आई। इस दौरान सड़कें भीग गई तथा ठिठुरन भी बढ़ गई। लोग सुबह से ही घर बाजारों में अलाव जलाकर तापते नजर आए। रविवार को छुट्टी का दिन होने से लोग दिनभर घरों में रजाई में दुबके रहे। बाजार गली मोहल्ले सूने रहे। घरों में गर्म पकवानों का आनंद लिया।