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समानीकरण के िवरोध में जारी रहेगा आंदोलन

7 वर्ष पहले
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दौसा. बांदीकुई| राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय उपशाखा बांदीकुई की बैठक अध्यक्ष महेश नांगल की अध्यक्षता में हुई। प्रवक्ता दिनेश पारीक ने बताया कि बैठक में समानीकरण प्रक्रिया नियमों के तहत करने की मांग की गई। साथ ही स्कूलों का समय बढ़ाने का पुरजोर विरोध किया गया।
बैठक में शिक्षकों की समस्याएं संकलित कर शीघ्र बीईईओ डीईओ से वार्ता करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मंत्री गिर्राज अरनिया, उपाध्यक्ष रामनारायण सैनी, जिला महासमिति सदस्य पूरण जैन, प्रहलाद शर्मा, दीनदयाल सेठी, दिनेश बोहरा, रामचरण शर्मा, राकेश गौड़, गिर्राज सैनी आदि मौजूद थे।

दौसा. राजस्थान शिक्षक शिक्षा अधिकारी संघर्ष समिति की बैठक रविवार को नेहरू पार्क में हुई, जिसमें संघर्ष जारी रखने के लिए रणनीति तैयार की गई।

बैठक में शिक्षा मंत्री, पंचायती राज मंत्री तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा शिक्षकों के खिलाफ दिए बयानों की निंदा की गई। कजोड़ मीणा ने एकीकरण आदेश निरस्त करने, समानीकरण प्रक्रिया रोकने, रिक्त पद नव नियुक्ति तथा पदोन्नति से भरने, स्टाफिंग के नए मानदंड वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि समानीकरण के नाम पर शिक्षकों के पद समाप्त करने से सार्वजनिक शिक्षा की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
बेरोजगारी बढ़ेगी तथा शिक्षा विरोधी एवं जनविरोधी है। शिक्षा व्यवस्था में सुदृढ़ीकरण में शिक्षाविदों की राय को महत्व दिया जाए। रंगलाल मीणा, राजेंद्र जैन, सत्यनारायण शर्मा, गंगाधर मीणा, राकेश नागर, अखिलेश शर्मा, वसीम अहमद, पीयूष शर्मा, राजीव शर्मा, बाबूलाल, रमेश राजोरिया, अजय वीर सिंह, राजीव रावत, शिवसिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

मंत्रियों के बयानों की निंदा

दुब्बी| रामदेवमंदिर निहालपुरा में रविवार को शिक्षक संघ अरस्तू की बैठक जिलाध्यक्ष एन.आर. बालोत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मंत्री गुलाब चंद कटारिया एवं शिक्षा मंत्री कालीचरण सर्राफ के बयानों की निंदा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि मंत्रियों की बयानबाजी से शिक्षक समाज को ठेस पहुंची है। कार्यकारी जिलाध्यक्ष प्रेमप्रकाश उमरवाल ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करने के बजाय गलत अपमान किया है। इस मौके पर अशोक कुमार, तहसील अध्यक्ष बाबूसिंह, शिंभु दयाल लांगड़ी, रामावतार शर्मा मौजूद थे।