दौसा। जिला प्रमुख पद पर कांग्रेस की गीता खटाणा भारी बहुमत के साथ विजयी हुई हैं। गीता खटाणा ने भाजपा की कविता कुमारी बैरवा को 23 मतों से पराजित कर रिकार्ड बनाया। गीता को 26 मत मिले तथा कविता को तीन मत मिले।
29 सदस्यों वाली जिला परिषद में कांग्रेस के 24, भाजपा के 4 एवं 1 निर्दलीय सदस्य चुना गया था। निर्दलीय सदस्य भी कांग्रेस समर्थित था। खास बात यह रही कि भाजपा के एक सदस्य ने क्रास वोटिंग कर दी। इससे कांग्रेस की प्रत्याशी को 26 मत मिल गए। जिला प्रमुख चुनाव में भाजपा को शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा है।
चुनाव के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी मुक्तानंद अग्रवाल ने नव निर्वाचित जिला प्रमुख गीता खटाणा को शपथ दिलाई तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया। इससे पूर्व दोनों खेमों की ओर से सदस्यों को गाड़ियों में भरकर मतदान के लिए लाया गया। जिला प्रमुख के लिए गीता खटाणा ने कांग्रेस कविता बैरवा ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया था। गीता की प्रस्तावक साबो देवी एवं कविता के प्रस्तावक धर्मसिंह थे।
जीत का जश्न
कांग्रेस की जिला प्रमुख चुने जाने पर कार्यकर्ताओं ने जिला परिषद के बाहर आतिशबाजी की तथा जिंदाबाद के नारे लगाए। निर्वाचन की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में खुशी छा गई। उन्होंने जिला प्रमुख को फूलमालाओं से लाद दिया। जिला परिषद के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ रही।
विकास पहली प्राथमिकता
जिलाप्रमुख गीता खटाणा ने कहा कि जिले का विकास ही उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि पूरी लगन निष्ठा के साथ जनता की सेवा करेंगी।
जिला प्रमुख के पति एवं कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जी.आर. खटाणा ने कहा कि भाजपा के सवा साल के शासन से जनता दुखी हो गई है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिला, जिससे फसलें चौपट हो गई। भाजपा के शासन में आम आदमी परेशान हो गया। कांग्रेस के पक्ष में परिणाम आना इस बात का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जिले में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता से चुनाव लड़ा है।
भारी सुरक्षा व्यवस्था
जिलाप्रमुख चुनाव के दौरान जिला परिषद पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कलेक्ट्रेट चौराहे से सोमनाथ चौराहे तक यातायात बंद कर दिया गया। बैरिकेडिंग लगाकर सड़क पर यातायात रोक दिया गया।
महवा| यहां पंचायतसमिति परिसर में शनिवार को हुए मतदान में निर्दलीयों के समर्थन से कांग्रेस की मीरादेवी भाजपा प्रत्याशी को दो मतों से हराकर प्रधान बनी।
पंचायत समिति में कड़ी पुलिस प्रशासनिक सुरक्षा के बीच पंचायत समिति के चुने हुए 23 सदस्यों ने मतदान किया।
मतगणना के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीरादेवी मीना को 13 भाजपा के प्रकाशचंद गुप्ता को 10 मत मिले, जबकि एक वोट निरस्त हुआ। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी मीरा मीना को दो वोटों से विजयी घोषित किया गया। गौरतलब है कि बुधवार को आए चुनाव परिणामों में कांग्रेस को सात, भाजपा को सात, निर्दलीयों को आठ बसपा को एक सीट मिली थी।
ऐसे में दोनों पार्टियों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर प्रधान बनाने के लिए निर्दलीयों पर दारमदार था। भाजपा की कमान विधायक ओमप्रकाश हुड़ला, कांग्रेस की कमान पूर्व मुख्य सचेतक हरिसिंह महवा निर्दलीय की लालसोट विधायक डॉ.किरोड़ीलाल मीना के हाथ में थी।
डॉ.किरोड़ी समर्थित निर्दलीयों द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने के बाद कांग्रेस की राह आसान हो गई। कांग्रेस की मीरादेवी निर्दलीयों के सहयोग से दो मतों से जीत के बाद प्रधान घोषित की गई, जिन्हें निर्वाचन अधिकारी राकेश गुप्ता ने शपथ दिलाई। इधर, कांग्रेस की प्रधान बनने के साथ ही कांग्रेसी किरोड़ी समर्थक खुशी से झूम उठे।
उन्होंने एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। इस बीच नवनिर्वाचित प्रधान मीरादेवी ने पूर्व मुख्य सचेतक हरिसिंह महवा, पूर्व जिला प्रमुख अजीतसिंह, पूर्व प्रधान शिवप्रसाद हुड़ला, राजपा जिलाध्यक्ष एडवोकेट भंवरसिंह, शंकर के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर सांथा सरपंच मानसिंह सांथा, बाबू हुड़ला, अशोक खोकड़ सहित कई मौजूद थे।
चाक-चौबंद रहा प्रशासन
प्रधानपद के लिए हुए चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह चाक-चौबंद रहा। ऐहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि मतदान केंद्र से दो सौ मीटर की दूरी तक बेरीकेड्स लगाए गए थे। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल, एसडीएम राकेश गुप्ता, डीएसपी रिछपाल सिंह सहित महवा, मंडावर सलेमपुर थानाधिकारी मय जाब्ते के व्यवस्था संभाले हुए थे।
पूर्वप्रधान की पुत्रवधु है मीरा
नवनिर्वाचितप्रधान मीरादेवी राजनीतिक परिवार से संबंध रखती है। उनके ससुर शिवप्रसाद हुड़ला पूर्व में महवा के प्रधान हुड़ला के सरपंच उनकी दूसरी पुत्रवधु इंद्रादेवी कृषि उपज मंडी सदस्य है, जबकि पुत्र शंकर हुड़ला कांग्रेस से सक्रिय राजनीति में है।
तेरहवीं प्रधान बनी मीरा
नवनिर्वाचित प्रधान मीरादेवी ने महवा की 13वीं प्रधान के रूप में शपथ ली। इससे पूर्व महवा में अर्जुनसिंह, विशंभरदयाल बोहरा, रामहेत गुप्ता, सरदार सिंह गुर्जर, कंवरपाल मीना, हरिसिंह महवा, शिवप्रसाद मीना, बाबूलाल कोली, घनश्याम मीना, शारदा शर्मा, अजीतसिंह राजेन्द्र मीना प्रधान रह चुके हंै।
भाजपा का सफाया, क्राॅस वोटिंग का लगा दाग
पंचायतचुनाव में सत्ताधारी दल भाजपा का जिले में सफाया हो गया। जिला परिषद में पार्टी के चार सदस्य होने के बावजूद प्रमुख के लिए प्रत्याशी को तीन ही वोट मिले। इससे भाजपा पर क्राॅस वोटिंग का दाग भी लग गया।
दौसा पंस में भाजपा के 10 कांग्रेस के 11 तथा निर्दलीय चार सदस्यों में भाजपा विधायक निर्दलीयों के दम पर प्रधान बनाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पूर्व विधायक नंदलाल बंशीवाल के बेटे विक्रम ने बगावत कर दी। इससे पार्टी का प्रधान बनाने का सपना चूर-चूर हो गया। महवा में विधायक ओमप्रकाश हुड़ला 8 निर्दलीयों के मतों से प्रधान बनाने का दावा कर रहे थे, लेकिन वहां भी कांग्रेस ने बाजी मार ली।
महवा में कांग्रेस भाजपा के 7-7 सदस्य थे। लवाण में भी भाजपा ने जोड़तोड़ की राजनीति करने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। लालसोट, सिकराय बांदीकुई में पार्टी के पास पहले ही संख्या बल नहीं था। बांदीकुई विधायक भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अलका सिंह भी अपने क्षेत्र में पार्टी को बहुमत नहीं दिला सकी।
(जिला प्रमुख : गीता खटाणा (कांग्रेस),निकटतम प्रतिद्वंद्वी : कविता बैरवा (भाजपा) मतों का अंतर-23)