बांदीकुई। आठवीं सदी की बेजोड़ कलाकृतियों के अद्भुद संगम पर्यटन स्थल आभानेरी जल्द ही अपने पुराने स्वरूप में लौटेगी। इसके लिए पुरातत्व विभाग ने यहां 45 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इससे चांद बावड़ी हर्षदमाता के मंदिर का विकास होगा। इसके लिए यहां कार्य भी शुरू हो गया हैं।
पर्यटन स्थलों के रुप में विश्व के मानचित्र पर अपना नाम अंकित करने वाले पर्यटन स्थल आभानेरी के पुराने स्वरूप को लाने तथा विदेशी पर्यटकों को अधिक आकर्षित करने के उद्देश्य से पुरातत्व विभाग ने इसकी सुध लेकर कार्य शुरु कर दिया है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आभानेरी की चांद बावड़ी के बाहरी अंदर दीवारों पर लंबे समय से रखरखाव नहीं होने से यह अपना पुराना मूल स्वरूप खो चुकी थी। इन दीवारोें की मरम्मत का कार्य नहीं होने से इन पर कई जगह प्लास्टर टूट चुका था। इससे दीवार बदरंग दिखाई दे रही थी।
पर्यटकों को बढ़ावा देना है मुख्य उद्देश्य
आभानेरी की प्राचीन चांदबावड़ी को देखने भारत के अलावा अमेरिका, जर्मनी, न्यूजीलेंड, श्रीलंका, जापान, चीन, इटली, रुस, सिंगापुर, स्पेन, इग्लैंड, स्वीडन सहित अन्य देशों से रोजाना पर्यटक यहां आते हैं। वर्तमान में यहां पर्यटकों का सीजन भी चल रहा है। हर रोज 250 से 300 पर्यटक यहां रहे है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यहां और ज्यादा संख्या में विदेशी पर्यटक यहां आए इसे लेकर यहां विकास कार्य करवाया जा रहा है।
हर्षद माता मंदिर का भी निखरेगा स्वरूप
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए इसे अपने पुराने मूल स्वरूप में लाने के लिए निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि इसके लिए यहां करीब 45 लाख रुकी स्वीकृति भी जारी की, जिसमें करीब 23 लाख तो चांदबावड़ी तथा करीब 22 लाख हर्षदमाता के मंदिर पर खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में चांदबावड़ी के बाहर पुरातत्व विभाग कार्य करवा रहा है। इसके बाद हर्षदमाता के मंदिर की सुध लेगा।
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चांदबावड़ी के बाहर दीवारों पर खराब हुए प्लास्टर को हटाकर इन दीवारों के पुराने मूल स्वरूप को लौटाने के लिए नए सिरे से प्लास्टर करवाया जाएगा। इसका काम शीघ्रता से चल रहा है। चांद बावड़ी के अंदर भी बुर्जनुमा दीवारों को और आकर्षक बनाने के लिए इन्हें भी ठीक करवाया जाएगा। इसी प्रकार हर्षदमाता के मंदिर पर फर्श, गुंबद को ठीक करवाया जाएगा। यहां बिखरी पड़ी मूर्तियों को एक स्थान पर रखने के लिए एक स्थान का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कार्य मार्च तक पूरा हो जाएगा।