लक्ष्य 46 हजार शौचालयों का, बने 12 हजार
ब्लाॅकमें इस वर्ष बने 9 हजार 197 शौचालयों में सहायता पाने की कैटेगिरी में शामिल 4 हजार 232 परिवारों में से 3 हजार 500 को तो इस राशि का भुगतान कर दिया गया है। 732 परिवारों को आज भी भुगतान का इंतजार है। इन परिवारों को करीब 87 लाख 84 हजा रुपए का भुगतान किया जाना है।
वार्षिक लक्ष्य को किया पार
ब्लॉकमें बनने वाले शौचालय की तुलना में चालू वर्ष के लिए प्रशासन की ओर से 8 हजार 908 शौचालय बनने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसे पूरा कर इस साल में 9 हजार 197 शौचालयों का निर्माण कराया गया है।
सर्वाधिक बनने थे बसवा में
प्रशासनके सर्वे के अनुसार सर्वाधिक शौचालय ग्राम पंचायत बसवा तथा सबसे कम ग्राम पंचायत पीचूपाड़ा खुर्द में बनने थे। बसवा पंचायत में 4 हजार 89 शौचालय बनने थे। जिसमें से अब तक 1 हजार 607 ही शौचालय बन पाए हैं। ग्राम पंचायत पीचूपाड़ा खुर्द में सबसे कम 552 शौचालय बनने थे। जिसमें अब तक 465 ही शौचालय बन पाए हैं।
शौचालय निर्माण कराने पर इस योजना में 12 हजार रुपए की सहायता दी जाती है। सरकार की ओर से लघु सीमांत,एससी, एसटी, विधवा, विकलांग तथा बीपीएल को शौचालय निर्माण कराने पर 12 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग दिया जाता है।
अनिल भट्ट| बांदीकुई
स्वच्छता अभियान को लेकर गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए प्रशासन के भरसक प्रयास के बाद भी बांदीकुई ब्लॉक में 34 हजार परिवारों के पास आज भी शौचालय नहीं हैं। ये खुले में शौच जा रहे हैं। निर्धारित 46 हजार में से मात्र 12 हजार ही शौचालय बन पाए हैं। यही कारण है कि 42 पंचायतों वाली बांदीकुई पंचायत समिति में अभी तक मात्र दो ही ग्राम पंचायत ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) हो पाई है। अब भी बांदीकुई में शौचालय बनाने वाले 732 परिवार सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता के लिए भटक रहे हैं।
ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए बांदीकुई की सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धािरत कर पूरे ब्लॉक में 46 हजार 135 शौचालय बनने हैं। बनने वाले शौचालयों की संख्या के आधार पर इनकी उपलब्धियों पर नजर डालें तो अब तक पूरे ब्लाक में 12 हजार 15 ही शौचालय बन पाए हैं। यहां 34 हजार 120 परिवारों में अभी भी शौचालय नहीं है। ऐसे में वे खुले में ही शौच जाकर सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
बांदीकुई ब्लॉक में 42 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन प्रशासन जनप्रतिनिधियों के भरसक प्रयासों के बाद मात्र पंचायत श्यालावास कला तथा ग्राम पंचायत पंडितपुरा ही अब तक ओडीएफ हो पाई है। शेष 40 पंचायतों को अब भी ओडीएफ होने का इंतजार है।
^चालूवर्ष के मिले लक्ष्य के अनुसार हम लक्ष्य पार कर गए हैं। कुल संख्या के आधार पर भी शौचालय बनवाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। लोगों को जागरूक होकर शौचालयों का निर्माण कराकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। रामबाबूशर्मा, ब्लॉक समन्वयक, पंचायत समिति, बांदीकुई