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सेफ्टी टैंक की सफाई करने आए थे, ढक्कन तोड़कर चले गए
जीआरपीस्टाफ की बैरक की तरफ बने रेलवे क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों का 2 दिन से बदबू से दिमाग सड़ रहा है। उस तरफ 6 सेफ्टी टैंक बने हैं, जो भर गए हैं। इन्हें खाली कराने के सिलसिले में रविवार को बांदीकुई से सीएचआई आया। सेफ्टी टैंक तो एक खाली नहीं किया, जबकि ढक्कन सभी के तोड़ दिए गए। ढक्कन तोड़ने से टैंकों से बदबू रही है। इससे कर्मचारी परेशान हैं।
सेफ्टी टैंक नीचे से कच्चे हैं। इससे पानी तो जमीन ने सोख लिया, जबकि गंदगी टैंकों में भरी हुई। टैंकों की सफाई के लिए रविवार को बांदीकुई से सीएचआई आर.पी. मीणा आए। उन्होंने टैंकों की स्थिति जानने के लिए ढक्कन खुलवा कर देखें। इसमें ढक्कन टूट गए। ढक्कन टूटने से सेफ्टी टैंकों से सड़ांध रही है। इससे कर्मचारियों का क्वार्टरों में ठहरना भी दुर्भर हो गया है।
क्वार्टरों में कोई नहीं था, सो लौट गए
^स्टाफनेतागिरी करता है। सेफ्टी टैंक खाली कराने के लिए रविवार को सीएचआई आया था, लेकिन क्वार्टरों में रहने वाला एक भी स्टाफ नहीं मिला। इससे सीएचआई लौट गया। गिर्राजप्रसाद मीणा, स्टेशनसुपरिटेंडेंट दौसा
सुनवाईनहीं हुई तो प्रदर्शन करेंगे
^क्वार्टरोंमें सेफ्टी टैंक भर गए हैं। उन्हें खाली कराने की बात है, लेकिन अधिकारी नेतागिरी करने की बात कह रहे हैं। अधिकारियों की मनमानी नहीं चलने देंगे। एक-दो दिन में सुनवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन करेंगे। प्रहलादसैनी, एनडब्ल्यूआरएम्पलाइज यूनियन शाखा अध्यक्ष