दौसा. शहर में पानी की समस्या को देखते हुए अब जलदाय विभाग ने नए स्रोत तलाशना शुरू कर दिया है। इसके लिए भू-जल वैज्ञानिकों को भी बुलाया गया है। सर्वे के बाद पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में नए ट्यूबवेल खोदे जाएंगे।
जलदाय विभाग के होदायली, बाणगंगा नदी में लगे ट्यूबवेलों से पानी की आवक कम होने के कारण शहर में पानी का संकट गहराने लगा है। होदायली, बाणगंगा नदी, छतरी वाली ढाणी के ट्यूबवेलों के अलावा करीब एक माह पूर्व धर्मपुरा के ट्यूबवेल चालू होने के बाद 32 से 33 लाख लीटर पानी रोजाना मिल रहा है, जबकि शहर की आबादी के अनुसार रोजाना सप्लाई के लिए करीब 100 लाख लीटर पानी की जरूरत है।
विभाग ने 72 घंटे में पानी की सप्लाई की व्यवस्था कर रखी है, लेकिन इन दिनों अधिकांश कॉलोनियों में चार से पांच दिन में पानी रहा है। कभी बिजली कटौती तो कभी लाइनों में लीकेज के चलते एक बार सप्लाई गड़बड़ाने के बाद कई दिनों में सुचारू हो पाती है।
बांदीकुई | जलदाय विभाग ने शहर में यहां दो और नए बोरिंग खुदवाएं हैं। इससे शहर में पेयजल सप्लाई में इजाफा होगा। नए बोरिंगों में अच्छा मीठा पानी होने से आने वाले समय में शहर के लोगों को खारे पानी की समस्या से निजात मिलेगी।
क्षेत्रीय विधायक डॉ.अलका सिंह ने बताया कि वर्तमान में श्यालवास पंपहाउस से करीब डेढ़ लाख लीटर पानी तथा शहर के पांच ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन इनमें से कई ट्यूबवेलों में खारा पानी होने से मीठा खारा पानी मिलाकर पेयजल सप्लाई की जाती है।
शहर में खारे पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए जलदाय विभाग को दो नए बोरिंग खोदने के निर्देश दिए गए थे।
हाल ही में गणेश मंदिर के समीप खोदे गए दो नए ट्यूबवेलों में अच्छा पानी होने से अब विभाग खारा पानी वाले ट्यूबवेलों से पानी नहीं लेगा। ऐसे में अब शहर के लोगों को खारे पानी की समस्या से निजात मिलेगी साथ ही जलदाय विभाग के पेयजल स्रोत में भी बढ़ोतरी होगी। उल्लेखनीय है कि आए दिन शहर में खारे पानी की समस्या को लेकर लोग परेशान है।