पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गुर्जर आरक्षण आंदोलन के केस दो साल बाद री ओपन

गुर्जर आरक्षण आंदोलन के केस दो साल बाद री-ओपन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गुर्जरआरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज किए आठ केसों को एफआर लगाने के दो साल बाद फिर री-ओपन किया गया है। यह कार्रवाई एसीजेएम कोर्ट महवा के आदेश पर की गई।

वर्ष 2010 में पाटोली-पीपलखेड़ा में लगाए जाम अन्य मामलों में पुलिस ने आंदोलनकारियों पर ये मुकदमे दर्ज किए गए थे। दिसंबर 2012 में इन मामलों में एफआर लगा दी गई थी। केस री-ओपन होने से आंदोलनकारियों पर फिर से कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इन मामलों में करीब डेढ़ सौ लोगों के नाम हैं। खास बात यह है कि वर्ष 2010 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन में पीलूपुरा बांदीकुई के पास रेलवे ट्रैक जाम करने के मामलों में भी एफआर लगाई गई थी। लेकिन री-ओपन पाटोली-पीपलखेड़ा के मामलों को ही किया गया है। केस री-ओपन कराने के लिए पुलिस ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।

इन पर चलेगा केस

गुर्जरमहासभा के प्रदेशाध्यक्ष मनफूल सिंह, गुर्जर आरक्षण आंदोलन समिति के प्रदेश प्रवक्ता हिम्मत सिंह, एडवोकेट भंवरसिंह, गजेंद्र सिंह खटाणा, भगवत सिंह, गजराज गुर्जर, धर्मजीत सिंह, हनुमान सिंह, हरप्रसाद गुर्जर, अतरसिंह सहित 125-150 लोगों के खिलाफ महवा थाने में 8 मुकदमे दर्ज किए गए थे।