- Hindi News
- खातेदारी जमीन में नहीं मिलेगी मेजर मिनरल की लीजें
खातेदारी जमीन में नहीं मिलेगी मेजर मिनरल की लीजें
भीलवाड़ा. खातेदारीजमीन में अब मेजर मिनरल की लीज नहीं दी जाएगी। नए नियमानुसार अब खातेदारी जमीन में लीज के लिए आवेदन करने पर खनिज विभाग ऐसे आवेदनों को कैंसिल कर देगा। नए खनिज अधिनियम में मेजर मिनरल की लीज नीलामी से देने के निर्णय के बाद अब खातेदारी जमीन में लीज नहीं देने के संबंध में खनिज विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसके अनुसार अब तक जिस खातेदारी जमीन में लीज के लिए आवेदन लगे हुए थे, उन्हें निरस्त किया जाएगा और इसके बाद इस जमीन को खनिज विभाग द्वारा अधिग्रहण किया जाएगा।
इस्पातनिगम जिंदल के आवेदन होंगे निरस्त
एमईशर्मा ने बताया कि जिले में ऐसे 153 आवेदन हैं। इन आवेदन पत्रों में मंशा पत्र जारी नहीं हुए हैं उन्हें निरस्त किया जाएगा। आयरन ओर, लेड, जिंक एसोसिएट्स मिनरल के लिए राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड द्वारा पुर (बनेड़ा) एरिया और जिंदल सॉ लिमिटेड की गुरला, खेड़ी, हीराजी का खेड़ा, किशनपुरिया, सालमपुरा मालीखेड़ा एरिया में लगाई फाइलें निरस्त होंगी। इन आवेदन पत्रों में अभी मंशा पत्र जारी नहीं हुए हैं।
50साल पूरे पर एकाएक निरस्त नहीं होगी लीज
जिन मेजर मिनरल लीजों की 50 साल की समयावधि वर्ष 2015 से 2019 तक पूरी हो रही है, उन्हें 2020 तक निरस्त नहीं किया जाएगा। इसी तरह कैप्टिव उपयोग के लिए आवंटित लीजों की 50 साल की समयावधि पूरी होने के बावजूद उन्हें वर्ष 2030 तक निरस्त नहीं किया जाएगा। इसके पीछे विभाग का तर्क है कि अचानक लीज बंद होने से लीजधारक को परेशानी हो सकती है।
भीलवाड़ा. खातेदारीजमीन में अब मेजर मिनरल की लीज नहीं दी जाएगी। नए नियमानुसार अब खातेदारी जमीन में लीज के लिए आवेदन करने पर खनिज विभाग ऐसे आवेदनों को कैंसिल कर देगा। नए खनिज अधिनियम में मेजर मिनरल की लीज नीलामी से देने के निर्णय के बाद अब खातेदारी जमीन में लीज नहीं देने के संबंध में खनिज विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसके अनुसार अब तक जिस खातेदारी जमीन में लीज के लिए आवेदन लगे हुए थे, उन्हें निरस्त किया जाएगा और इसके बाद इस जमीन को खनिज विभाग द्वारा अधिग्रहण किया जाएगा।
इस्पातनिगम जिंदल के आवेदन होंगे निरस्त
एमईशर्मा ने बताया कि जिले में ऐसे 153 आवेदन हैं। इन आवेदन पत्रों में मंशा पत्र जारी नहीं हुए हैं उन्हें निरस्त किया जाएगा। आयरन ओर, लेड, जिंक एसोसिएट्स मिनरल के लिए राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड द्वारा पुर (बनेड़ा) एरिया और जिंदल सॉ लिमिटेड की गुरला, खेड़ी, हीराजी का खेड़ा, किशनपुरिया, सालमपुरा मालीखेड़ा एरिया में लगाई फाइलें निरस्त होंगी। इन आवेदन पत्रों में अभी मंशा पत्र जारी नहीं हुए हैं।
50साल पूरे पर एकाएक निरस्त नहीं होगी लीज
जिन मेजर मिनरल लीजों की 50 साल की समयावधि वर्ष 2015 से 2019 तक पूरी हो रही है, उन्हें 2020 तक निरस्त नहीं किया जाएगा। इसी तरह कैप्टिव उपयोग के लिए आवंटित लीजों की 50 साल की समयावधि पूरी होने के बावजूद उन्हें वर्ष 2030 तक निरस्त नहीं किया जाएगा। इसके पीछे विभाग का तर्क है कि अचानक लीज बंद होने से लीजधारक को परेशानी हो सकती है।