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जननी को टिटनेस का खतरा

7 वर्ष पहले
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जुलाईमें वीडियो कांफ्रेंसिंग में एनएचएम निदेशक ने एएनसी (प्रसव पूर्व तीन जांच) में पिछडऩे पर नाराजगी जताई थी। उस दैारान 12 सप्ताह में अलवर में प्रसव पूर्व तीन जांच के रजिस्ट्रेशन की उपलब्धि राज्य अनुपात में काफी कम थी। इसके लिए निदेशक ने एएनएम और आशा से योग्य दंपतियों की लिस्ट तैयार कराने के साथ ड्यू लिस्ट उपलब्धता के भी निर्देश दिए थे। जिससे एक भी गर्भवती महिला एएनसी से वंचित नहीं रह सके।

टीकाकरण की स्थिति

ब्लॉकलक्ष्य उपलब्धि

बानसूर6851 1428

बहरोड़ 5239 996

खेड़ली 7493 1592

किशनगढ़बास 6999 707

कोटकासिम 3762 759

लक्ष्मणगढ़ 7612 1876

मालाखेड़ा 7034 1757

मुंडावर 6316 1127

राजगढ़ 5521 1192

रामगढ़ 7091 1911

रैणी 4363 847

शाहजहांपुर 4578 751

थानागाजी 6073 1272

तिजारा 9503 2172

अलवर शहर 8362 2054

^चिकित्सा विभाग के निर्देशानुसार गर्भवती महिला एवं बच्चे को सुरक्षा प्रदान करने के लिए तीन बार प्रसव पूर्व जांच जरूरी हैं। इस दौरान महिला और बच्चे को सुरक्षा प्रदान करने के लिए टिटनेस के दो टीके लगाए जाते हैं, जिससे कोई संक्रमण उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सके। जांच में गर्भ में बच्चे की स्थिति और गर्भवती महिला में हीमोग्लोबिन की स्थिति का पता किया जाता है। डॉ.प्रमिला गुप्ता, महिलारोग विशेषज्ञ जनाना अस्पताल अलवर

^अब पिछले महीने से लगातार मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। सब सेंटर स्तर तक पहुंचकर जांच की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम को टीकाकरण को लेकर कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे कोई गर्भवती महिला टिटनेस के टीके से वंचित नहीं रहे। एएनएम को गर्भवती महिलाओं की सर्वे सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे एएनसी संभव हो सके। पहले आरसीएचओ का पद रिक्त था। डॉ.ओमप्रकाश मीणा, आरसीएचओअलवर

भास्कर न्यूज. अलवर

जननी सुरक्षा की सरकारी कवायद के तहत अलवर टिटनेस टीकाकरण में पिछड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण का लक्ष्य आठ महीने बीतने के बाद भी मात्र 22.16 फीसदी पूरा हुआ है। यानी एक चौथाई आंकड़ा भी पार नहीं हो पाया है, जबकि दिसंबर तक 96737 गर्भवती महिलाओं को टिटनेस के टीके लगाए जाने हैं। जच्चा और बच्चा की सुरक्षा को लेकर बेहद जरूरी टिटनेस के टीकाकरण को लेकर चिकित्सा विभाग की गंभीरता अब तक के आंकड़ों से उजाग