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पंचायती राज विभाग में दो साल के बाद भी नहीं हुई सरपंच के खिलाफ जांच

7 वर्ष पहले
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पंचायतीराज विभाग में अलवर की बानसूर तहसील के हरसौरा सरपंच रमेश अम्बावत (गुर्जर) के खिलाफ दो साल में भी जांच पूरी नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ झूठे तथ्य पेश कर चुनाव लड़ने और अनियमितता फर्जी पट्टे काटने की शिकायत की थी। लोगों का आरोप है कि पंचायती राज मंत्री के निर्देशों के बावजूद अफसर जांच करने के बावजूद पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रहे है। लोगों का कहना है कि सरपंच के खिलाफ पंचायती राज विभाग में पहली बार मई 2012 में शिकायत की थी। इसके बाद कई ज्ञापन दे चुके, लेकिन जांच का नतीजा नहीं निकला है। दूसरी ओर विभाग के अवर सचिव श्रवण कुमार बुनकर का कहना है कि जांच के मामले को दिखवाया जा रहा है।

यहहै मामला

अलवरके बानसूर तहसील के हरसौरा सरपंच ने गांव में एक पट्टा को विवादित बताते हुए कब्जा हटा दिया। विवादित पट्टे मकान पर स्टे होने के बावजूद जून 2013 में कॉलोनी का नक्शा बना कर नए पट्टे जारी कर दिए। इसके साथ ही जमीन की नीलामी भी कर दी। प्रभावित पक्ष ने मामले के निस्तारण नहीं होने तक नई कॉलोनी बसाने पर रोक लगाने की मांग की है।