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उधार के पैसे से घर चला रहे हैं एएनएम कर्मचारी
जिलेमें संविदा पर कार्यरत एएनएम (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) को सात महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। अटरू ब्लॉक की एएनएम ने बुधवार को एनआरएचएम (नेशनल रुरल हैल्थ मिशन) के कार्यवाहक जिला प्रबंधक को सीएमएचओ के नाम ज्ञापन दिया है।
इसमें एएनएम ने बताया कि पिछले सात महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। मार्च से मानदेय नहीं मिलने से एएनएम के समक्ष आर्थिक संकट आन खड़ा है। सब सेंटर मुसई गुजरान पर कार्यरत एएनएम हेमलता नागर, रीछंदा की प्रेमलता पूनियां, केरवालिया की दर्शना, बरलां की सांवरी, मेरमाचाहा की ननोज नागर, कनोटिया की सुमन एवं सुशाील्रा का कहना है कि मानदेय ट्रेजरी हैड से बनता है। मार्च से ही मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। अटरू ब्लॉक में सात और जिलेभर में 36 एएनएम को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में नियुक्ति दी गई, लेकिन मानदेय का भुगतान ट्रेजरी मद से किया जाता है। वहीं एनआरएचएम के तहत संविदा पर लगे अन्य कार्मिकों को महीने की 10 तारीख तक भुगतान हो रहा है।
कैसेचलेगा घर खर्च
जिलेमें सीकर, झुंझूनू आदि जिलों से मानदेय पर एएनएम लगी हुई हैं। इन्हें 7200 रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है। इसका भी पिछले सात महीने से भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में एएनएम के समक्ष घर खर्च को लेकर भी परेशानी हो रही है।
पांचसे नहीं मिला एरियर
एएनएमका कहना है कि वहीं साल 2010 से एरियर, टीए, डीए आदि भत्तों का भुगतान भी नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
संविदा पर लगी एएनएम की समस्या से आला अधिकारियों को अवगत करा रखा है। समस्या का निवारण उच्च स्तर से ही होगा। ऐसे में बुधवार को प्राप्त ज्ञापन भी उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया है।
डॉ.राजकुमार, जिलाप्रबंधक, एनआरएचएम
बारां. वेतन नहीं मिलने से नाराज एएनएम ने स्वास्थ्य भवन पहुंचकर ज्ञापन दिया।