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सीएचसी पर प्रसूताओं को लगेंगे आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन
बारां| राज्यसरकार की ओर से कुपोषण एवं मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए एनीमिया पीड़ित महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाए जाएंगे। ऐसा महिलाओं में खून की कमी दूर करने के लिए किया जाएगा।
चिकित्सा विभाग ऐसी महिलाओं को चिंह्नित कर रहा है, जिनमें खून की अत्यधिक कमी है। इन महिलाओं को इंजेक्शन लगने के बाद भी शरीर में खून की मात्रा निर्धारित नहीं होने पर जिला अस्पताल में ब्लड चढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक गुरुवार सोमवार को इंजेक्शन लगाए जाएंगे। इससे पहले तक यह व्यवस्था जिला अस्पताल स्तर पर ही लागू थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में व्यवस्था नहीं होने से प्रसूताओं की जान पर खतरा बना रहता है। ऐसे में चिह्नित महिलाओं का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पर उपचार किया जाएगा।
तीनप्रकार का होता है एनीमिया
डॉक्टरोंके अनुसार एनीमिया (खून की कमी) तीन प्रकार का होता है। इसमें 10 से 11 ग्राम हीमोग्लोबिन होने पर माइल्ड एनीमिया, सात से 10 ग्राम हीमोग्लोबिन होने पर मोडरेट और सात ग्राम से कम हीमोग्लोबिन होने पर सीवियर एनीमिया की श्रेणी में आता है। इसमें सीवियर एनीमिया सबसे घातक होता है। माइल्ड एनीमिया में गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियां दी जाती हैं। मोडरेज एनीमिया के लिए आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। सीवियर एनीमिया में महिलाओं को ब्लड चढ़ाया जाता है।
^सभीसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में प्रभारी अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है।
डॉ.ओपी वर्मा, सीएमएचओ,बारां