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भगवत ज्ञान से ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है
कस्बाथाना. शनिवार को पार्श्वनाथ के जन्माभिषेक पर शोभायात्रा निकाली गई।
भास्कर न्यूज. बोहत
कस्बेके शनिवार को भागवत में कथा वाचक कार्ष्णि मोहनकृष्ण शास्त्री ने बताया कि भागवत ज्ञान भक्ति वैरागी का संगम है। यह व्यक्ति को सांसारिक मोह से छुटकारा दिलाकर ईश्वर प्राप्ति की तरफ ले जाने का उत्तम साधन है। यह जन्म मरण से छुटकारा दिलाने का ग्रंथ है।
शास्त्री जी ने कहा कि प्रत्येक माता को अपने पुत्र के संस्कारों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सुसंस्कार ही जीवनभर काम आते हैं। कथा में धुंधकारी गौकरण शिव पार्वती प्रसंग सुनाएं। श्रद्वालुओं ने कथा सुनकर मनभाव विभोर हो गए। इससे एक दिन पूर्व शुक्रवार को मुख्य यजमान हेमराज राठौर ने गंगा पूजन कर भागवत को शीश पर धारण कर सब्जीमंडी से मंगल कलश यात्रा निकाली। इसका भक्तों ने कस्बे में नृत्य कर पुष्पमालाओं से स्वागत किया। कथा का आयोजन गणेश चौक पर ग्रामीणों के सहयोग से किया जा रहा है।
गो-रक्षकोंने निकाली कलश यात्रा
कुंजेड़.कस्बेमें गो-रक्षकों ने कलश यात्रा निकाली। इसमें महिला-पुरुषों ने भाग लिया। कलश यात्रा बस स्टैंड से शुरू हुई जो प्रमुख चौराहों से होती हुई रामदेव मंदिर पहुंची। यहां गो-सेवक गोपाल महाराज और साध्वी पूजा ने गो उत्थान के बारे में प्रवचन दिए। गोपाल महाराज और साध्वी पूजा ने बताया कि वर्तमान में हो रही गाय की दुर्दशा दूर करने जनचेतना के लिए पूरे देश में घूम रहे हैं। गोपाल महाराज ने बताया कि गाय में 33 करोड़ देवी देवता निवास करते हंै। गाय के गोबर और मूत्र से बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि गाय पर अत्याचार नहीं करना चाहिए। गाय को बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। इसके पहले गोरक्षा जन चेतना के लिए समीपवर्ती जीरोद में भी कलश यात्रा निकाली गई।
भागवतकथा की शोभायात्रा निकाली
बोहत.कस्बे में भागवत कथा शुभारंभ से पूर्व मंगल कलश के साथ शोभायात्रा निकाली गई। जो यह सब्जी मंडी से शुरू हुई। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। यात्रा में भागवत के साथ-साथ केशवरायजी भगवान का विमान कथा वाचक मोहनकृष्ण शास्त्री भी थे। शोभायात्रा यह मुख्य मार्गों से होती हुई कथा स्थल गणेश चौक पहुंची। इसमंे तीन कलशों की बोली लगाई गई। इस दौरान ताम्र कलश हेमराज राठौर ने पांच हजार 51 रुपए, स्वर्ण कलश सरपंच ओम सुमन ने तीन हजार रजत कलश देवकरण मालव ने 1251 रुपए में लिया। कथा रोजाना दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक होगी।
संगीतमयश्रीराम कथा का हुआ समापन
बारां.आर्य समाज में संगीतमय श्रीरामकथा वैदिक सत्संग का समापन गुरुवार को भरत मिलाप के साथ हुआ। पंडित दिनेश जी शास्त्री ने श्रीराम कथा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने श्रीराम कथा के माध्यम से यज्ञ की महत्ता, वेदों के ज्ञान आपसी प्रेम का संदेश भी दिया। श्रीरामकथा में विष्णु नामदेव परिजनों के सहयोग से लोगों ने कथा का धर्मलाभ लिया। इस मौके पर सत्येंद्र शृंगी, हरिओम नामा, श्याम सरौया, प्रभुदयाल नागर, रामरतन मेहता, मुकेश गर्ग आिद ने व्यवस्थाएं संभालीं। वैदिक सत्संग के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वास, कुप्रथाओं, बुरे आचरणों से दूर रहते हुए वेदों के अनुसार अचारण करने का संदेश भी दिया गया।
जन्माभिषेकमें उमड़ा जन सैलाब
कस्बाथाना.कस्बेमें चल रहे जिनबिंब पंच कल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन भगवान पार्श्वनाथ के जन्माभिषेक के दौरान कलशयात्रा निकाली गई। इसमें जन सैलाब उमड़ पड़ा। प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप, पीयूष ने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ के जन्माभिषेक के लिए कलशयात्रा निकाली गई। जो कस्बे से शुरू होकर पांडूशिना पहुंची। इसमें सैकड़ोें महिला-पुरुषों ने भाग लिया। यहां भगवान का जलाभिषक किया गया। इस दौरान सौधर्म इंद्र, धनकुबेर एवं महायज्ञ नायक हाथियों पर सवार होकर जनसमूह के साथ पहुंचे। वहीं आठ इंद्र रथों पर सवार होकर पहुंचे। पंच कल्याणक के सूत्रधार उपाध्याय निर्भय सागर महाराज ने बताया जन्म के बाद केक काटकर या मोमबत्ती जलाकर जन्मदिन नहीं मनाना चाहिए। क्योंिक यह भारतीय संस्कृति नहीं है। हमें दीप जलाकर जन्मदिन मनाना चाहिए। साथ ही गर्भपात जैसे अपराध से भी बचना चाहिए। रात में जादूगर सम्राट ने जादू दिखाया।
बोहत. कस्बे में भागवत कथा की शोभायात्रा निकाली।