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अस्पतालों की एमटीसी में दो सौ से ज्यादा बच्चे भर्ती

7 वर्ष पहले
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जिलाअस्पताल सहित जिले के अस्पतालों में एमटीसी वार्ड में मंगलवार को उपचार के लिए दो सौ से अधिक बच्चे भर्ती हैं। इन बच्चों को उपचार के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ की सुविधा मिलने लगी है। चिकित्सा विभाग में भर्ती बच्चों के लिए पलंग, सफाई और आहार एवं दवाइयों को लेकर निगरानी बढ़ा दी है।

जिला अस्पताल एमटीसी में कुपोषित बच्चों को भर्ती करने के लिए कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) सहित ट्रोमा सेंटर में पलंग लगाकर व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दवाइयां, आहार देने के लिए स्टाफ भी बढ़ाया गया है। केंद्र प्रभारी डॉ. बीएस कुशवाह ने बताया कि मंगलवार सुबह तक 80 बच्चे भर्ती थे। वहीं नौ बच्चे रैफर होकर आए हैं। शाम तक 89 बच्चों को उपचार के लिए भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों को जांच के बाद दवाइयां लिखी जा रही है। साथ ही आवश्यकता के अनुसार आहार देने की व्यवस्था की गई है। भर्ती के लिए पलंग स्टाफ की उपलब्धता होने से इन बच्चों के जल्द ही स्वस्थ होने की उम्मीद है। जिला अस्पताल सहित शाहाबाद, किशनगंज मांगरोल एमटीसी में मंगलवार को दो सौ कुपोषित बच्चों को उपचार दिया जा रहा था।

शाहाबाद.सामुदायिकस्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को 63 कुपोषित बच्चे भर्ती थे। वहीं एक कुपोषित बच्चे को बारां रैफर किया गया है। यहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. केसी गुप्ता बच्चों को परामर्श दे रहे हैं।

मांगरोल.कस्बेके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एमटीसी में 12 कुपोषित बच्चे भर्ती हैं। यहां भटवाड़ा निवासी पार्वती गुर्जर ने बताया कि अस्पताल में पानी की कमी से परेशानी हो रही है। एमटीसी में कुपोषित परमवीर, दीपा सहरिया, रामवतार सहरिया, मनीषा सहरिया, करीना सुमन, अतुल सहरिया, ज्योति सहरिया, रंगा सहरिया, निशांत मीणा, दक्ष सहरिया, निकिता गुर्जर, अंजलि को उपचार के लिए भर्ती किया गया है।

किशनगंज.अस्पतालकी एमटीसी में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां मंगलवार को 36 कुपोषित बच्चे भर्ती हैं। चिकित्सा विभाग के प्रयासों के बाद भी ख्यावदा निवासी टिंकू सहरिया, पुरानी बरूनी निवासी मनीषा सहरिया एवं ब्रह्मपुरा निवासी काजल को परिजन डॉक्टरों को बताए बगैर घर ले गए। सीएचसी प्रभारी डॉ.सतीष अग्रवाल ने बताया कि विभाग की ओर से पूरी सुविधा देने के बाद भी परिजन बिना सूचना के बच्चों को घर ले जा रहे हैं। परिजनों से समझाईश कर ब