धनिए की फसल में रोग का प्रकोप
नाहरगढ़ क्षेत्र में धनिए की फसल खराब होने का मामला
भास्करन्यूज| बारां
कृषिविभाग को नाहरगढ़ क्षेत्र में खराब हुई धनिए की फसल की रिपोर्ट मिल गई है। धनिए में लक्षण आधारित वायरस (विषाणु) का प्रकोप सामने आया है।
कृषि विभाग उपनिदेशक डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि नाहरगढ़ क्षेत्र में धनिए की फसल खराब होने की जानकारी मिलने पर संभाग स्तरीय अधिकारी, कृषि अनुसंधान केंद्र कोटा वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। वहां धनिए की फसल का अवलोकन किया गया। इस दौरान फसल मिट्टी के सेंपल लिए गए। इनकी जांच कृषि अनुसंधान केंद्र कोटा में हुई है। इसमें सामने आया कि धनिए की फसल की बारिकी से जांच में सामने आया कि पौधों में किसी प्रकार के जीवाणु फफूंद जनित रोग से ग्रसित नहीं है। मौसम के कारण तापमान में अप्रत्याशित बदलाव कुछ पौधों में लक्षणों के आधार पर विषाणु ग्रसित पाए गए।
उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वायरस के प्रकोप इसके वाहक की रोकथाम के लिए धनिया की फसल में डायमिथोएट 3० ईसी अथवा मिथाइल डिमेटोन 25 ईसी एक लीटर प्रति हैक्टेयर के हिसाब से पानी में मिलाकर फूल आने से पहले छिड़काव करें। जरुरत होने पर 10 दिन बाद फिर से इन दवाइयों का छिड़काव करें।