भाजपा की बाड़ेबंदी धरी रह गई
क्रॉस वोटिंग से बना कांग्रेस का प्रधान
भाजपाने अपने उम्मीदवारों की बाड़ेबंदी की थी। इसमें से विजयी 9 उम्मीदवारों को भाजपा अपनी बाड़ेबंदी में रखे हुए थीं, लेकिन वह भी काम नहीं आई। भाजपा को पूरा विश्वास था कि उसके निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य पार्टी हाईकमान का निर्णय मानेंगे। टिकट बंटवारे से ही भाजपा दो गुटों में बंटी हुई थी, लेकिन फिर भी जनता ने चुनाव में भाजपा का साथ दिया। बड़े नेताओं की आपसी खींचतान से पार्टी को अपनी साख गंवानी पड़ी।
पूर्व में भी नगरपालिका चुनाव में भाजपा की गुटबाजी नजर आई थी। कुछ कार्यकर्ताओं का दबी जुबान में कहना है कि भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता एवं जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करना भाजपा को भारी पड़ा। वहीं भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व नगर अध्यक्ष मिथलेश भार्गव ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिम्मतसिंह सिंघवी से इस्तीफे की मांग की है।
नाराजीके कारण नतीजे कांग्रेस के पक्ष में: भाया
बारां. बारांजिले में 6 पंचायत समितियों में पहली बार कांग्रेस के प्रधान जीतकर आए हैं। भाजपा के शासन में कांग्रेस की यह बड़ी उपलब्धि है। यह बात कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद जैन भाया ने शनिवार शाम को प्रधान के चुनाव के परिणाम आने के बाद कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले से ही एकजुट होकर पंचायत चुनाव लड़ रही थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण ही किशनगंज, बारां, शाहाबाद में कांग्रेस को बहुमत मिला। छबड़ा, अटरू और छीपाबड़ौद में भाजपा से नाराजगी के कारण परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आए। उन्होंने कहा कि भाजपा की सत्ता होने के बाद भी कांग्रेस का यह प्रदर्शन उनके गढ़ में सेंध मारने जैसा है। उन्होंने कहा कि उप प्रधानों के चुनाव में भी कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। इस जीत से कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा होगा।
अजय सिंह।
बारां. जिला प्रमुख के चुनाव के बाद कोटा रोड पर लगी लाेगों की भीड़।